(शिरीष बी प्रधान)
काठमांडू, छह मार्च (भाषा) रैपर से नेता बने बालेंद्र शाह की नवगठित राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) शुक्रवार को नेपाल में सितंबर में हुए हिंसक ‘जनरेशन जेड’ के विरोध प्रदर्शनों के बाद हुए पहले आम चुनावों में भारी जीत की ओर अग्रसर हैं। इस विरोध प्रदर्शन के कारण के. पी. शर्मा ओली के नेतृत्व वाली सरकार को सत्ता से हटना पड़ा था।
स्थानीय मीडिया की खबरों के अनुसार, चुनाव आयोग के पास कुल 165 निर्वाचन क्षेत्रों में से 161 निर्वाचन क्षेत्रों से उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, आरएसपी ने छह सीटें जीती हैं और 109 अन्य सीट पर आगे चल रही है।
हाल ही तक काठमांडू के महापौर रहे बालेंद्र शाह, झापा-5 निर्वाचन क्षेत्र में चार बार के प्रधानमंत्री और सीपीएन-यूएमएल अध्यक्ष ओली के गढ़ में उनसे आगे चल रहे हैं। शाह को अब तक 15 हजार से अधिक वोट मिल गए हैं, जबकि ओली को अब तक केवल 3,300 वोट मिले हैं।
'बालेन' के नाम से जाने जाने वाले 35 वर्षीय इंजीनियर के नेपाल का अगला प्रधानमंत्री बनने की संभावना है, जो स्थापित दलों के प्रति जनता की अस्वीकृति के भाव को दर्शाता है। नेपाल में पिछले 18 वर्षों में 14 सरकारें बन चुकी हैं।
भारत इस चुनाव पर करीब से नजर रख रहा है, जो राजनीतिक रूप से अस्थिर हिमालयी देश में एक स्थिर सरकार की उम्मीद कर रहा है ताकि दोनों पक्षों के बीच विकासात्मक साझेदारी को आगे बढ़ाया जा सके।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बृहस्पतिवार को दिल्ली में कहा, “हम पारस्परिक लाभ के लिए अपने दोनों देशों और लोगों के बीच मजबूत बहुआयामी संबंधों को और आगे बढ़ाने के लिए नेपाल की नई सरकार के साथ काम करने के लिए उत्सुक हैं।”
उन्होंने कहा कि भारत ने “नेपाल में शांति, प्रगति और स्थिरता का लगातार समर्थन किया है और अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, इन चुनावों के लिए नेपाल सरकार के अनुरोध के अनुसार साजोसामान संबंधी आपूर्ति प्रदान की है”।
नेपाली कांग्रेस ने तीन सीटें जीती हैं जबकि सीपीएन-यूएमएल 11 सीट पर आगे है। नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी ने दो सीट जीती है। श्रम संस्कृति पार्टी भी छह सीट पर आगे है।
इस आम चुनाव में संसद के 275 सदस्यों को चुनने के लिए 1.89 करोड़ से अधिक नेपाली नागरिक मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए पात्र थे। चुनाव में 165 सदस्यों को प्रत्यक्ष मतदान प्रणाली और 110 सदस्यों को आनुपातिक मतदान के जरिए चुना जाना है।
‘बालेन’ को अंतरिम सरकार का नेतृत्व करने के लिए एक लोकप्रिय विकल्प माना गया। यह स्थिति तब बनी जब जनरेशन-जेड (जेन जेड) के युवाओं ने पिछले साल सितंबर में भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर लगाए गए प्रतिबंध के खिलाफ दो दिनों तक चले देशव्यापी हिंसक प्रदर्शनों के बाद ओली-नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार को सत्ता से हटा दिया।
बालेन ने तब हालांकि अंतरिम सरकार का नेतृत्व करने से इनकार करते हुए कहा कि वे संसदीय चुनाव लड़कर पूर्ण कार्यकाल के लिए सरकार का नेतृत्व करना पसंद करेंगे।
जनवरी 2022 में, वे रवि लामिछाने के नेतृत्व वाली आरएसपी में शामिल हो गए और जल्द ही पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार घोषित कर दिए गए। प्रचार अभियान के दौरान उसे व्यापक समर्थन मिला।
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