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भारत ने कोच्चि में ईरानी नौसैनिक जहाज को आपातकालीन डॉकिंग की अनुमति दी: सूत्र

नयी दिल्ली, छह मार्च (भाषा) अमेरिका द्वारा ईरानी युद्धपोत आइरिस डेना को टॉरपीडो से डुबाने से कुछ दिन पहले, भारत ने कोच्चि में एक अन्य ईरानी नौसैनिक जहाज में तकनीकी खराबी आने के बाद उसे आपातकालीन स्थिति में खड़े होने की (डॉक) अनुमति दी थी। सरकारी सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि जहाज को चार मार्च को 183 चालक दल के सदस्यों के साथ कोच्चि में खड़ा किया गया।

सूत्रों ने कहा कि जहाज आइरिस लावन में तकनीकी समस्याएं आ गईं और ईरानी पक्ष के अनुरोध के बाद एक मार्च को आपातकालीन ‘डॉकिंग’ की मंजूरी दी गई।

श्रीलंका तट पर एक अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा आइरिस डेना को डुबाने से कुछ दिन पहले ईरानी पक्ष ने भारत से संपर्क किया था।

आईआरआईएस डेना भारत द्वारा आयोजित बहुपक्षीय नौसैनिक अभ्यास मिलान में भाग लेने के बाद लौट रहा था। बुधवार को हुए हमले में कम से कम 87 ईरानी नाविक मारे गए।

सूत्रों के अनुसार, श्रीलंका के दक्षिण में ‘आइरिस डेना’ पर हुए हमले से कुछ दिन पहले, ईरान ने भारत से पोत आइरिस लावन’ को शरण देने का अनुरोध किया था, जो ‘इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू’ के लिए उस क्षेत्र में मौजूद था।

उन्होंने कहा, यह अनुरोध 28 फरवरी को प्राप्त हुआ था, जिससे संकेत मिलता है कि कोच्चि में ‘डॉकिंग’ जरूरी थी। इसके लिए मंजूरी एक मार्च को दी गई।

उन्होंने बताया कि इसके चालक दल के 183 सदस्य वर्तमान में कोच्चि स्थित नौसैन्य परिसरों में ठहरे हुए हैं।

‘आइरिस डेना’ के डूबने पर ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि वह एक प्रशिक्षण जहाज था और उसे भारतीय नौसेना द्वारा एक अभ्यास में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया था।

भाषा तान्या अविनाश

अविनाश