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जौरासी रेंज में चलाया बंदरों को पकड़ने का अभियान

उत्तराखंड के मैदानी क्षेत्रों से लेकर पहाड़ी क्षेत्रों तक बंदरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। वहीं अल्मोड़ा जिले के जौरासी रेंज में विकास खंड स्याल्दे के बल्मरा, तामाढौन, नागाड, वेतनघार, जौरासी,जैठा आदि स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि पिछले काफी दिनों से गांव में बंदरों का आतंक जारी है इनकी बढ़ती संख्या से लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। बंदर खेती व बागवानी को नुक़सान पहुंचा रहे हैं। जिससे किसानों की मेहनत बर्बाद हो रही है।

बंदर लोगों के घरों में घुसने के साथ ही राह चलते लोगों के हाथ से सामान छीन रहे हैं। बंदर कई बार छोटे - बच्चों और महिलाओं को अपना निशाना बना चुके हैं। ग्रामीणों ने बंदरों के आतंक से छुटकारा दिलाने की मांग की। वहीं  प्रभागीय वनाधिकारी अल्मोड़ा दीपक सिंह, उप प्रभागीय वनाधिकारी रानीखेत काकुल पुंडीर के निर्देश पर वन क्षेत्राधिकारी जौरासी उमेश पाण्डे के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने जौरासी रेंज के  बल्मरा, तामाढौन,नागाड, वेतनघार, जौरासी,जैठा आदि गांव में 150 से अधिक बंदरों को पकड़ा गया और सुरक्षित स्थान पर छोड़ा गया।

वन क्षेत्राधिकारी जौरासी उमेश पाण्डे ने बताया कि बंदरों के आतंक से  ग्रामीणों को छुटकारा दिलाने वन विभाग द्वारा बंदरों को पकड़ने का अभियान लगातार जारी रहता है। बंदरों की बढ़ती आबादी समेत ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग द्वारा ग्रामीणों को प्लैक्सी, बैनर सहित अन्य माध्यमों द्वारा लगातार बंदरों ( वन्य प्राणी) को भोजन ना देने की अपील की जाती है। इसके साथ ही जंगलों के आसपास वन्यप्राणियों के लिए फलदार पौधे का वृक्षारोपण को बढ़ावा दिया जाता है। इस मौके पर वन क्षेत्राधिकारी जौरासी उमेश पाण्डे, उप वन क्षेत्राधिकारी जीत सिंह रावत, बन बीट अघिकारी भवान सिंह रावत, बन वीट अघिकारी जगदीश चन्द्र देवराडी , महेश जोशी, गोपाल सिंह, किशोर कुमार  आदि वन कर्मी , स्थानीय ग्रामीण मौजूद थे।