मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को दिव्यांगजन पेंशन में एक बार फिर बढ़ोतरी किए जाने का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि पहले दिव्यांगजनों को 300 रुपये पेंशन मिलती थी, जिसे बढ़ाकर 500 और फिर 1,000 रुपये किया गया। अब आने वाले दिनों में इसमें फिर बढ़ोतरी की जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में चल रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत गोरखपुर क्लब में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 509 दिव्यांगजनों को 664 सहायक उपकरण वितरित किए।
अंतिम व्यक्ति तक योजना पहुंचना सुशासन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना सुशासन की पहचान है। उन्होंने कहा कि बिना भेदभाव लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना जरूरी है।
सीएम ने ‘अयोग्यो पुरुषो नास्ति’ का उल्लेख करते हुए कहा कि कोई व्यक्ति अयोग्य नहीं होता, जरूरत उसे अवसर से जोड़ने की होती है। उन्होंने कहा कि सही साधन और प्रशिक्षण मिलने पर दिव्यांगजन अपनी प्रतिभा को नई ऊंचाई तक पहुंचा सकते हैं।
हर विधानसभा क्षेत्र में लगेंगे शिविर
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026-27 में प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों के जरिए पेंशन से छूटे दिव्यांगजनों को पेंशन और अन्य सरकारी योजनाओं से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में 17 लाख से अधिक दिव्यांगजनों की डिजिटल पहचान मजबूत कर उन्हें कार्ड उपलब्ध कराए गए हैं। सरकार का जोर बच्चों में शुरुआती स्तर पर दिव्यांगता की पहचान, थेरेपी, विशेष शिक्षा और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने पर भी है।
18 मंडलों में बनेंगे जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र
सीएम योगी ने बताया कि प्रदेश के सभी 18 मंडलों में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। गोरखपुर में सीतापुर आई हॉस्पिटल परिसर में ऐसा केंद्र शुरू हो चुका है।
उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों के लिए शिक्षा और प्रशिक्षण की सुविधाओं को भी बढ़ाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में लखनऊ स्थित डॉ. शकुंतला मिश्रा दिव्यांगजन सशक्तीकरण विश्वविद्यालय और चित्रकूट स्थित जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय संचालित हैं।
ट्राईसाइकिल, स्मार्टफोन और ब्रेल सामग्री बांटी
कार्यक्रम में दिव्यांगजनों को अलग-अलग तरह के सहायक उपकरण दिए गए। इनमें 127 मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल, 25 ई-ट्राईसाइकिल, 70 ट्राईसाइकिल, स्मार्ट केन, ब्रेल किट, 90 हियरिंग एड और पांच स्मार्टफोन शामिल हैं।
इसके अलावा दिव्यांग विद्यार्थियों को पाठ्य पुस्तकें भी दी गईं। मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों को स्मार्टफोन, ब्रेल लिपि में गीता, ब्रेल रामचरितमानस, स्मार्ट केन और सांकेतिक भाषा की शिक्षण सामग्री भी वितरित की।
दिव्यांगजनों को स्वरोजगार योजनाओं से जोड़ने पर जोर
मुख्यमंत्री ने दिव्यांगजनों को सीएम युवा, पीएम स्वनिधि, ओडीओपी, पीएम विश्वकर्मा, पीएम मुद्रा और स्टैंडअप जैसी योजनाओं से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को शिक्षा के साथ रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराना जरूरी है।
सरकार की ओर से कॉक्लियर इंप्लांट के लिए छह लाख रुपये तक की सहायता और स्पीच थेरेपी में सहयोग की बात भी कही गई।
नरेंद्र कश्यप ने बजट बढ़ने का किया दावा
राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार नरेंद्र कश्यप ने कहा कि उनके अनुसार सपा सरकार के समय दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग का बजट 665 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 2,200 करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 25 डे केयर सेंटर संचालित हैं और 28 नए केंद्र खोले जाएंगे।
कार्यक्रम में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, कैबिनेट मंत्री संजय निषाद, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।