अयोध्या में दसवें दीपोत्सव-2026 के दौरान रामनगरी के करीब 500 वर्षों के इतिहास और विकास की कहानी खास प्रदर्शनी के जरिए दिखाई जाएगी। संस्कृति विभाग की ओर से रामकथा पार्क में लगने वाली इस प्रदर्शनी में वर्ष 1500 ईस्वी से लेकर वर्तमान समय तक के महत्वपूर्ण घटनाक्रमों को प्रस्तुत किया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। इसमें अयोध्या के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के साथ श्रीराम मंदिर आंदोलन, मंदिर निर्माण और शहर के बदलते स्वरूप की झलक देखने को मिलेगी।
अभिनय से दिखेगा राम मंदिर आंदोलन के पुरोधाओं का योगदान
प्रदर्शनी में श्रीराम मंदिर आंदोलन से जुड़े प्रमुख व्यक्तित्वों और उनके योगदान को अभिनय आधारित प्रस्तुतियों के माध्यम से दिखाया जाएगा। इसके साथ ही आंदोलन के महत्वपूर्ण पड़ावों और मंदिर निर्माण की यात्रा को भी दर्शाया जाएगा। इस प्रस्तुति के जरिए श्रद्धालु और पर्यटक आंदोलन से जुड़ी घटनाओं और उनमें भूमिका निभाने वाले लोगों के योगदान को करीब से समझ सकेंगे।
मंदिर निर्माण से अयोध्या के विकास तक की कहानी
प्रदर्शनी में श्रीराम मंदिर के निर्माण और मंदिर परिसर के विकास को प्रमुखता दी जाएगी। इसके साथ ही अयोध्या में सड़कों, आवागमन, पर्यटन और जनसुविधाओं के विस्तार की जानकारी भी दी जाएगी। इस तरह दर्शकों को एक ही जगह रामनगरी की ऐतिहासिक विरासत और आधुनिक विकास की झलक देखने को मिलेगी।
नई पीढ़ी को विरासत से जोड़ने की पहल
रामकथा पार्क में लगने वाली यह प्रदर्शनी दीपोत्सव के प्रमुख सांस्कृतिक आकर्षणों में शामिल होगी। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों और युवाओं को अयोध्या के इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को जानने का अवसर मिलेगा।
अयोध्या अंतरराष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान के सलाहकार एवं विशेष कार्याधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि दसवें दीपोत्सव में रामनगरी की ऐतिहासिक यात्रा को व्यापक रूप में प्रस्तुत करने की तैयारी है। प्रदर्शनी में 1500 ईस्वी से वर्तमान समय तक के महत्वपूर्ण घटनाक्रम शामिल होंगे।
उन्होंने बताया कि श्रीराम मंदिर आंदोलन के पुरोधाओं के योगदान को अभिनय के जरिए दिखाया जाएगा। मंदिर निर्माण से लेकर परिसर के विकास और अयोध्या के बदलते स्वरूप तक की पूरी कहानी एक ही स्थान पर प्रस्तुत करने का प्रयास किया जा रहा है। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना और देश-दुनिया से आने वाले लोगों को अयोध्या के इतिहास से परिचित कराना है।