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हरियाणा में महिला सशक्तिकरण समिति का गठन, सीएम सैनी ने बताया ‘मील का पत्थर’

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि महिला सशक्तिकरण समिति का गठन एक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने हरियाणा विधानसभा द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे निरंतर और ठोस प्रयासों की सराहना की। सीएम सैनी ने विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण के कार्य और नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके निष्पक्ष और प्रभावी संचालन से सदन की गरिमा मजबूत होती है। उन्होंने विश्वास जताया कि उनके मार्गदर्शन में विधानसभा की कार्यवाही सुचारू रूप से चलती रहेगी।

सदन में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “महिलाओं का सशक्तिकरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। हरियाणा विधानसभा इस दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में 27 अप्रैल को आयोजित एक दिवसीय विशेष सत्र में महिला सशक्तिकरण के लिए 9 सदस्यीय समिति गठन का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया, जिसमें कम से कम 5 महिलाओं को शामिल करने का प्रावधान है।”

उन्होंने बताया कि यह समिति एक वर्ष तक महिलाओं की समानता और भागीदारी से जुड़े मुद्दों, नीतियों और उपायों की समीक्षा करेगी। साथ ही, विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को मजबूत करने और उनकी समस्याओं के समाधान पर ध्यान देगी। सीएम सैनी ने कहा कि यह पहल शासन में महिलाओं की भूमिका को सशक्त बनाने और महिला-नेतृत्व वाले विकास को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम है।

वहीं, कांग्रेस द्वारा इस विशेष सत्र का बहिष्कार किए जाने के बीच विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इसे “झूठा प्रचार” करार दिया। उन्होंने कहा कि विधानसभा का उपयोग जनहित के मुद्दों के लिए होना चाहिए, न कि राजनीतिक संदेश देने के लिए। हुड्डा ने महिला आरक्षण विधेयक के इतिहास का जिक्र करते हुए सरकार के कदम के समय और मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने इस विधेयक को लागू करने में देरी की है और महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर उसकी गंभीरता पर भी प्रश्न उठाए।