यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में उत्तर प्रदेश की महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने अपने उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित किया। अलग-अलग जिलों से आईं महिलाओं ने बताया कि कैसे उनके शौक और छोटे स्तर पर शुरू हुआ काम अब कारोबार का रूप ले चुका है। महिलाएं उत्पाद बनाने के साथ उनकी ब्रांडिंग, बिक्री और बाजार विस्तार पर भी काम कर रही हैं। कई महिला उद्यमी अपने कारोबार के जरिए दूसरी महिलाओं को रोजगार भी दे रही हैं।
पीतल की कलाकृतियों से बनाया कारोबार

मेरठ से हरप्रीत कौर
मेरठ के कंकरखेड़ा से आईं हरप्रीत कौर अपनी फर्म ‘सॉल फॉर अर्थ’ के जरिए पीतल की कलाकृतियां और ट्रॉफी लेकर ट्रेड शो में पहुंची हैं। उन्होंने बताया कि ट्रेड शो जैसे मंचों के जरिए उन्हें अपने उत्पाद बड़े बाजार तक पहुंचाने का अवसर मिल रहा है। उनके अनुसार, उनके उत्पाद अब दूसरे देशों के बाजारों तक भी पहुंच रहे हैं।
शौक को बनाया कारोबार, सात महिलाओं को रोजगार

गाजियाबाद से अंजली
गाजियाबाद के बजरिया की अंजली ‘अंजली क्रिएशन’ के जरिए कपड़ों पर की गई चित्रकारी के उत्पाद लेकर ट्रेड शो में पहुंची हैं। चित्रकारी के शौक को उन्होंने कारोबार में बदला। जिला ग्रामोद्योग विकास से ऋण लेकर उन्होंने सादे कपड़ों पर चित्रकारी का काम शुरू किया।
आज उनके तैयार किए गए सूट, दुपट्टे, जींस और ट्राउजर 10 हजार रुपये तक की कीमत में बिक रहे हैं। कारोबार बढ़ने के साथ अंजली अब सात अन्य महिलाओं को नियमित रोजगार भी दे रही हैं।
हैंडमेड उत्पादों को बाजार से जोड़ रहीं प्रतिभा

गाजियाबाद से प्रतिभा त्यागी
गाजियाबाद के वसुंधरा से आईं प्रतिभा त्यागी ‘प्रतिभा डिजाइनर हब’ के जरिए हैंडमेड सूट, दुपट्टे, लहंगे और जूट से बने बैग लेकर ट्रेड शो में पहुंची हैं। उनका कारोबार हस्तनिर्मित उत्पादों को बाजार से जोड़ने पर केंद्रित है। ट्रेड शो के जरिए उन्हें नए ग्राहकों और बाजारों से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।
स्वयं सहायता समूहों से आत्मनिर्भर बन रहीं महिलाएं

बुलंदशहर से सितारा
बुलंदशहर के नंगला गोविंदपुर की सितारा ‘आजीविका स्वयं सहायता समूह’ का संचालन करती हैं। उनके समूह से 13 महिलाएं जुड़ी हैं। सितारा के मुताबिक, समूह से जुड़ी महिलाएं योजनाओं का लाभ लेकर अपने काम को आगे बढ़ा रही हैं और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो रही हैं। उनका कहना है कि स्वयं सहायता समूह महिलाओं के लिए सिर्फ उत्पाद तैयार करने का माध्यम नहीं है, बल्कि आय का स्थायी जरिया बनाने में भी मदद कर रहा है।
चौथी बार ट्रेड शो में पहुंचीं सुधा सैनी

सहारनपुर से सुधा सैनी
सहारनपुर के नांगल क्षेत्र से आईं सुधा सैनी विभिन्न हस्तशिल्प उत्पादों के साथ ट्रेड शो में पहुंची हैं। वह ‘चलोरी स्वयं सहायता समूह’ का संचालन करती हैं और लगातार चौथी बार नोएडा में आयोजित ट्रेड शो में हिस्सा ले रही हैं। सुधा के मुताबिक, इस मंच के जरिए उनके उत्पादों को स्थानीय बाजार से बाहर निकालकर व्यापक और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का अवसर मिला है।
उत्पाद से लेकर बाजार तक महिलाओं की भागीदारी
इन महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों की कहानियों में एक समान बदलाव दिखाई देता है। महिलाएं अब केवल उत्पाद तैयार करने तक सीमित नहीं हैं। वे कारोबार चला रही हैं, ग्राहकों से जुड़ रही हैं, बाजार तलाश रही हैं और दूसरी महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर भी तैयार कर रही हैं। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो उनके लिए उत्पाद बेचने के साथ नए ग्राहकों और बाजारों से जुड़ने का मंच भी बन रहा है।