विकसित भारत @2047 के संकल्प को गांवों तक पहुंचाने के लिए योगी सरकार ने ग्रामीण विकास की योजना बनाने में आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को शामिल करने की पहल की है। इसी क्रम में मिर्जापुर जिले के छानबे विकासखंड की बघेड़ा खुर्द ग्राम पंचायत में प्रदेश का पहला पायलट 'विकसित ग्राम पंचायत प्लान' (वीजीपीपी) तैयार किया गया है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय से प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स और ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया (टीआरआई) के तकनीकी सहयोग से तैयार यह मॉडल प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों के विकास की रूपरेखा तैयार करने में मदद करेगा।
मास्टर ट्रेनर्स ने वाटरशेड पद्धति से समझाया गांव का विकास
इस एक दिवसीय कार्यशाला में ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार से प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर निहार महाराणा (झारखंड) और हरिविलास द्विवेदी (मध्य प्रदेश) ने प्रशिक्षण दिया। उन्होंने प्रतिभागियों और ग्रामीणों को ग्राम पंचायत के सबसे ऊपरी हिस्से यानी चोटी से लेकर निचले हिस्से यानी घाटी तक वाटरशेड पद्धति से स्थलीय भ्रमण कराया।
इस दौरान गांव की वास्तविक जरूरतों और विकास की प्राथमिकताओं को सहभागिता के आधार पर चिन्हित किया गया। इसका उद्देश्य गांव के प्राकृतिक संसाधनों और स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखकर विकास की योजना तैयार करना है।
छह हिस्सों में बांटकर ग्रामीणों से किया सीधा संवाद
विकसित ग्राम पंचायत प्लान की खास बात यह रही कि पूरी ग्राम पंचायत को छह हिस्सों में बांटकर ग्राउंड मीटिंग की गई। इनमें अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच सीधा संवाद हुआ। अधिकारियों ने सरकारी योजनाओं और विकास की संभावनाओं की जानकारी दी, वहीं ग्रामीणों से उनकी जरूरतों और गांव की समस्याओं के बारे में सुझाव लिए गए।
ग्रामीणों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और संपर्क मार्गों को मजबूत बनाने की जरूरत बताई। साथ ही रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों को स्थानीय संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के माध्यम से आगे बढ़ाने पर जोर दिया, ताकि गांव आत्मनिर्भर और खुशहाल बन सकें।
प्राकृतिक संसाधनों के वैज्ञानिक उपयोग पर जोर
इस योजना में गांव के विकास को केवल सड़क और नाली निर्माण तक सीमित नहीं रखा गया है। इसमें जल, भूमि और अन्य प्राकृतिक संसाधनों का वैज्ञानिक मानचित्रण कर उन्हें स्थायी परिसंपत्तियों और आजीविका के अवसरों में बदलने की योजना बनाई गई है। इसका उद्देश्य स्थानीय संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल कर ग्रामीणों की आय बढ़ाना और गांवों का दीर्घकालिक विकास सुनिश्चित करना है।
चार प्रमुख विकास योजनाओं का होगा एकीकरण
ग्राम पंचायत के सर्वांगीण विकास के लिए चार प्रमुख योजनाओं को एक साथ जोड़ा गया है। इनमें विलेज प्रॉस्पेरिटी एंड रेजिलिएंस प्लान (वीपीआरपी), विकसित ग्राम पंचायत प्लान (वीजीपीपी), विलेज डेवलपमेंट प्लान (वीडीपी) और ड्राफ्ट ग्राम पंचायत डेवलपमेंट प्लान (जीपीडीपी) शामिल हैं।
इन योजनाओं के एकीकरण से अलग-अलग विभागों की योजनाओं और वित्तीय संसाधनों का बेहतर तालमेल बनाया जा सकेगा। इससे गांवों की जरूरत के अनुसार विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करना आसान होगा।
सभी ग्राम पंचायतों में लागू होगा वीजीपीपी मॉडल
मिर्जापुर में तैयार किया गया यह पायलट मॉडल प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में तकनीक आधारित विकास नियोजन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ग्राम्य विकास विभाग वीजीपीपी पोर्टल के माध्यम से प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों के लिए जरूरत आधारित योजनाएं तैयार कराएगा।
इसके लिए राज्य मुख्यालय से लेकर ब्लॉक और पंचायत स्तर तक के कर्मचारियों को पोर्टल संचालन और तकनीक आधारित योजना निर्माण का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस अभियान में मिर्जापुर जिला प्रशासन, विकासखंड प्रशासन, पंचायत प्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों, फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं, स्थानीय ग्रामीणों और वीबी जी राम जी राज्य प्रकोष्ठ के प्रतिनिधियों ने भागीदारी की।