केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 के तीसरे दिन आयोजित विशेष बिजनेस सेशन में उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास, निर्यात और वैश्विक बाजार से जुड़ाव पर बात की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक्सप्रेसवे, नए एयरपोर्ट, औद्योगिक पार्क के साथ डिफेंस, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में निवेश हो रहा है।
इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित ‘लीवरेजिंग इंडियाज फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स फॉर ग्लोबल बिजनेस ग्रोथ’ सेशन में पीयूष गोयल ने कहा कि उत्तर प्रदेश के स्थानीय ब्रांड और उत्पाद अब अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के निर्यात को 2030 तक पांच लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

रोबोटिक्स से डिफेंस तक नए क्षेत्रों में निवेश

केंद्रीय मंत्री ने नोएडा के पास विकसित हो रही रोबोटिक्स फैक्ट्री का उदाहरण देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश आधुनिक और उभरते क्षेत्रों में भी अपनी जगह बना रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास की अगली कड़ी अंतरराष्ट्रीय व्यापार, निर्यात, विदेशी निवेश और पर्यटन से जुड़ रही है।
पीयूष गोयल के अनुसार, केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से प्रदेश में व्यापार और उद्योग के लिए नए अवसर बन रहे हैं। उन्होंने उद्योग जगत से इन अवसरों का लाभ उठाने और वैश्विक बाजार की जरूरतों के अनुरूप गुणवत्ता, नवाचार और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने की अपील की।
2017 से पहले के कारोबारी माहौल का किया जिक्र

पीयूष गोयल ने वर्ष 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश के कारोबारी माहौल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस समय कानून-व्यवस्था और कारोबारी माहौल को लेकर उद्यमियों में चिंता थी और बड़े उद्योगों के निवेश को लेकर पर्याप्त उत्साह नहीं था।
उन्होंने कहा कि उस समय रोबोटिक्स, डिफेंस कॉरिडोर और सेमीकंडक्टर जैसे आधुनिक क्षेत्रों में बड़े निवेश की कल्पना करना कठिन था। उन्होंने 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा के संकल्प पत्र तैयार करने की प्रक्रिया का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, उस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने गांवों और घरों तक पहुंचकर युवाओं, महिलाओं और समाज के विभिन्न वर्गों से सुझाव लिए थे। इन सुझावों को संकलित कर संकल्प पत्र तैयार किया गया था।
राजस्व संग्रह में बढ़ोतरी का दावा

केंद्रीय मंत्री ने प्रदेश के राजस्व संग्रह में बढ़ोतरी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विभिन्न स्रोतों से मिलने वाले राजस्व में वृद्धि हुई है और इसका इस्तेमाल सड़क, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, औद्योगिक विकास और अन्य विकास कार्यों में किया जा रहा है।
उन्होंने आबकारी राजस्व का उदाहरण देते हुए कहा कि वर्ष 2016-17 की तुलना में वर्तमान समय में इसमें लगभग पांच गुना वृद्धि हुई है। खनन क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 2016-17 में बालू, मौरंग, पत्थर और अन्य खनिजों से करीब 1,548 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था, जबकि अब इसमें कई गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि बेहतर राजस्व संग्रह के चलते उत्तर प्रदेश सरकार अब सरप्लस बजट पेश करने की स्थिति में है।
ग्लोबल मार्केट से जुड़ने का मंच बना यूपीआईटीएस

पीयूष गोयल ने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो केवल ट्रेड फेयर नहीं, बल्कि प्रदेश के उद्यमियों को वैश्विक बाजार से जोड़ने का मंच है। इसके जरिए उद्यमियों को भारत के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स का लाभ उठाने और अपने उत्पादों को विदेशी बाजारों तक पहुंचाने के अवसर मिल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि व्यापार समझौतों के जरिए भारतीय उत्पादों के लिए कई अंतरराष्ट्रीय बाजार खुले हैं। उत्तर प्रदेश के उद्यमी इन अवसरों का लाभ उठाकर अपने उत्पादों और सेवाओं को वैश्विक बाजार तक पहुंचा सकते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम और व्यापारिक आयोजन हो रहे हैं। इससे उद्यमियों को विदेशी खरीदारों और बाजारों से सीधे जुड़ने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने उद्यमियों से वैश्विक बाजार की मांग के अनुसार उत्पादों की गुणवत्ता, नवाचार और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में प्रदेश के एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, प्रमुख सचिव एमएसएमई शशि भूषण लाल सुशील, उद्योग आयुक्त के. विजयेंद्र पांडियन और विशेष सचिव एमएसएमई शिशिर समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।