कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार को लोकसभा में NEET-UG पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान उन्होंने पूछा कि प्रदर्शनकारियों पर पेलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को इसका जवाब देना चाहिए।
प्रियंका गांधी ने बिहार में प्रदर्शन के दौरान AK-47 के इस्तेमाल का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सवाल किया कि क्या प्रदर्शनकारी आतंकवादी थे, जो उन पर पेलेट गन और AK-47 का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा, "पेलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया? क्या यह प्रधानमंत्री का आदेश था? क्या यह गृह मंत्री का आदेश था? उन्हें जवाब देना होगा। पूरा देश जवाब मांग रहा है।"
बिहार के सीवान जिला प्रशासन ने बाद में कहा था कि प्रदर्शन के दौरान AK-47 का इस्तेमाल अनधिकृत और अनुचित था। संबंधित पुलिसकर्मी को निलंबित भी कर दिया गया था। प्रियंका गांधी ने पुलिस कार्रवाई में घायल एक छात्रा की मां से अस्पताल में हुई मुलाकात का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि छात्रा की मां नेताओं के बार-बार अस्पताल आने और वीडियो बनाने से परेशान थीं। प्रियंका ने कहा कि उस मां का दर्द देखकर वह बेहद भावुक हुईं और उन्होंने प्रधानमंत्री व गृह मंत्री से पूछा कि एक निर्दोष छात्रा के साथ ऐसी कार्रवाई की जरूरत क्यों पड़ी।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि पिछले 10 साल में 152 पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं, लेकिन किसी भी पेपर लीक माफिया को सजा नहीं मिली। उन्होंने सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के जरिए परीक्षा व्यवस्था को जरूरत से ज्यादा केंद्रीकृत करने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में RSS के प्रचारकों को भरकर इसे कमजोर कर दिया है। साथ ही उन्होंने शिक्षा बजट में कमी आने का भी दावा किया। धर्मेंद्र प्रधान के केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे के बाद NEET-UG पेपर लीक को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन वापस ले लिया गया था। वहीं, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को लोकसभा में लोक परीक्षा संशोधन विधेयक पर चर्चा और इसे पारित करने का प्रस्ताव रखा।