योगी सरकार ने प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय परिसर में निर्माणाधीन बाल चिकित्सालय का काम समय पर पूरा नहीं करने पर बड़ी कार्रवाई की है। यूपी सिडको ने निर्माण करने वाली फर्म आरसीबी इन्फ्राकॉन्स का अनुबंध निरस्त कर दिया है। साथ ही फर्म की 55 लाख रुपये की बैंक गारंटी जब्त करने और उसे पांच साल के लिए ब्लैकलिस्ट करने का फैसला लिया गया है।
यह कार्रवाई जन स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण निर्माण कार्य में देरी और लापरवाही के चलते की गई है। यूपी सिडको के प्रबंध निदेशक संजीव सिंह ने फर्म के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अग्रिम भुगतान की वसूली के भी निर्देश दिए हैं। आरोप है कि फर्म ने पंजीकरण के दौरान कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल किया और अपने निदेशक के खिलाफ दर्ज मुकदमों की जानकारी छिपाई।
55 लाख रुपये की बैंक गारंटी जब्त, अग्रिम भुगतान की होगी वसूली
बाल चिकित्सालय के निर्माण में देरी को गंभीरता से लेते हुए फर्म के दूसरे चरण का अनुबंध निरस्त कर दिया गया है। इसके साथ ही सिक्योरिटी और परफॉर्मेंस गारंटी के रूप में जमा 55 लाख रुपये जब्त कर लिए गए हैं। निगम के अभियंताओं द्वारा फर्म को किए गए अग्रिम भुगतान की वसूली भी की जाएगी।
अधिकारियों पर भी होगी विभागीय कार्रवाई
इस मामले में निर्माण कार्य की निगरानी और भुगतान से जुड़ी कथित लापरवाही के लिए तत्कालीन अधीक्षण अभियंता राजेश चौधरी, अधिशासी अभियंता मनीष कुमार श्रीवास्तव और सहायक अभियंता धर्म शंकर त्रिपाठी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा रही है।
वहीं, फर्जी दस्तावेजों के आधार पर फर्म का पंजीकरण कराने और निविदा प्रक्रिया में गड़बड़ी के मामले में पूर्व अधीक्षण अभियंता एवं मुख्य अभियंता (सेवानिवृत्त) पंकज चोपड़ा के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। तत्कालीन अधीक्षण अभियंता एवं मुख्य अभियंता (पूर्व) केजी दुबे के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जा रही है। उनके पास से फर्मों के पंजीकरण और नवीनीकरण से जुड़े सभी काम तत्काल प्रभाव से हटा दिए गए हैं।
डीसीयू पैटर्न पर पूरा होगा बाल चिकित्सालय का निर्माण
योगी सरकार ने अस्पताल के बचे हुए निर्माण कार्य को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए डीसीयू पैटर्न पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मौजूदा मुख्य अभियंता (पूर्व) अरविन्द कुमार निर्मल को नोडल अधिकारी बनाया गया है। उन्हें प्रयागराज में रहकर निर्माण कार्य समय से पूरा कराने की जिम्मेदारी दी गई है।
अन्य फर्मों की भी होगी जांच
यूपी सिडको को फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र और अन्य दस्तावेजों के आधार पर पंजीकरण कराने वाली दूसरी फर्मों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में दोषी पाए जाने वाली फर्मों को भी ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।
योगी सरकार ने प्रदेश में चल रहे सभी निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने पर जोर दिया है। सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि जनसेवा और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े कार्यों में लापरवाही करने वाली फर्मों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।