इंडिया एक्सपो मार्ट में चल रहे उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में मेरठ की खेती और कृषि आधारित उद्यमिता लोगों का ध्यान खींच रही है। उद्यान विभाग के आउटलेट पर मेरठ के किसानों की पॉलीहाउस में तैयार फसल, फूल और शहद के उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं। देश-विदेश से आए खरीदार और आगंतुक इन उत्पादों के बारे में जानकारी ले रहे हैं।
जरबेरा और गुलाब के फूलों के साथ कमल ककड़ी, शिमला मिर्च और बैंगन जैसी फसलों ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। ट्रेड शो में उत्पादों की बिक्री और प्रदर्शन के साथ किसानों को नए बाजार और कारोबार के अवसर भी मिल रहे हैं।
पॉलीहाउस से सालाना 29 लाख से ज्यादा का कारोबार
मेरठ के सरधना तहसील के खेड़ा गांव निवासी किसान रविन्द्र कुमार पांच एकड़ क्षेत्र में पॉलीहाउस के जरिए फल और सब्जियों का उत्पादन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उद्यान विभाग की योजनाओं का लाभ लेकर उन्होंने संरक्षित खेती शुरू की।
रविन्द्र कुमार के मुताबिक, पॉलीहाउस खेती के चलते उनके कृषि कारोबार का सालाना आंकड़ा 29 लाख रुपये से अधिक पहुंच गया है। उनके पॉलीहाउस में 300 से 400 ग्राम तक वजन वाली पीली, हरी और लाल शिमला मिर्च तैयार हो रही है। इन शिमला मिर्च की दिल्ली की आजादपुर मंडी में मांग है।
ट्रेड शो में फूलों के लिए कंपनियों ने किया संपर्क
रविन्द्र कुमार पिछले साल भी यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में शामिल हुए थे। उन्होंने बताया कि ट्रेड शो में उत्पादों को खरीदारों और बाजार के सामने रखने से उन्हें नए कारोबारी संपर्क मिले।
इस बार कई इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों ने जरबेरा और गुलाब के फूलों की आपूर्ति के लिए उनसे संपर्क किया है। कुछ कंपनियों के साथ एमओयू को लेकर भी बातचीत हुई है।
उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं के जरिए किसानों को पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीक अपनाने और बाजार की मांग के अनुसार उत्पादन करने का अवसर मिल रहा है।
उत्तर प्रदेश सरकार के उद्यान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने भी उद्यान विभाग के आउटलेट का निरीक्षण किया और किसानों के उत्पादों की जानकारी ली। आउटलेट पर मेरठ की फसलों के अलावा कृषि से जुड़े अन्य उत्पाद भी प्रदर्शित किए गए हैं।
मेरठ के शहद की विदेशों में बढ़ी मांग
उद्यान विभाग के आउटलेट पर मेरठ की रेनट्रॉव नैचुरल के शहद उत्पाद भी लोगों की रुचि का केंद्र बने हुए हैं। युवा उद्यमी राखी अघेरा और उनके भाई भारत अघेरा ने बताया कि पिछले साल उनकी कंपनी को इंडोनेशिया, मलेशिया और वियतनाम से 46 टन शहद का ऑर्डर मिला था। ट्रेड शो में इस बार भी कंपनी को नए कारोबार और बेहतर ऑर्डर मिलने की उम्मीद है।
खेती और बाजार के बीच कड़ी बना ट्रेड शो
आउटलेट की व्यवस्था में लगे वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक संजय सिंह के मुताबिक, मेरठ के किसानों और कृषि उद्यमियों के लिए ट्रेड शो केवल उत्पादों के प्रदर्शन का मंच नहीं है, बल्कि सीधे खरीदारों और कारोबारी संस्थानों से संपर्क का अवसर भी है। पॉलीहाउस की सब्जियों और फूलों से लेकर शहद तक, मेरठ के कृषि उत्पाद ट्रेड शो में खेती और बाजार के बीच बढ़ते जुड़ाव की तस्वीर पेश कर रहे हैं।