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'दार्जिलिंग में वनों की कटाई और अंधाधुंध निर्माण की वजह से भूस्खलन', विशेषज्ञों ने किया दावा

West Bengal: बारह घंटे से ज्यादा समय तक लगातार हुई बारिश की वजह से दार्जिलिंग और आसपास के इलाकों में भारी भूस्खलन हुआ है। पच्सीस से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई लापता हैं। सड़कें और पुल मलबे में दबे हुए हैं, जिसकी वजह से हजारों लोग फंस गए हैं। खराब मौसम और तमाम चुनौतियों के बावजूद एनडीआरएफ का बचाव अभियान जारी है। दार्जिलिंग से ताल्लुक रखने वाले पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने इलाके के हालात का जिक्र किया।

आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, 12 घंटे से भी कम समय में 300 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश दर्ज की गई जिससे हालात बिगड़ गए। इलाके के लोग बताते हैं कि वनों की कटाई, अंधाधुंध निर्माण और भारी बारिश ने दार्जिलिंग और आसपास के इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ा दिया है।

दार्जिलिंग के कई इलाकों में सड़कें बंद पड़ी हैं। मैदानी इलाकों से ऊंची पहाड़ियों पर जाने के लिए वाहनों को घूमकर जाना पड़ रहा है स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, मिरिक सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में शामिल है। यहां कई घर ढह चुके हैं। संचार लाइनें बाधित हैं। हालांकि, ताजा भूस्खलन की आशंका के बीच यहां बचाव और मरम्मत का काम जारी है।