यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर का पैवेलियन युवाओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां ब्रह्मोस की प्रतिकृति से लेकर आधुनिक ड्रोन और सुरक्षा उपकरणों तक रक्षा क्षेत्र में विकसित हो रही तकनीक को प्रदर्शित किया गया है। जेन जी और जेन अल्फा के युवा मिसाइलों की तकनीक, उनके इस्तेमाल और आधुनिक रक्षा उपकरणों को लेकर लगातार सवाल पूछ रहे हैं।
उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर के पैवेलियन में सरकारी, निजी और अर्धसरकारी क्षेत्र की कंपनियों ने सैन्य उपयोग से जुड़े उपकरण और तकनीक प्रदर्शित की है। इससे युवाओं को रक्षा क्षेत्र में विकसित हो रही तकनीक को करीब से देखने और समझने का मौका मिल रहा है।
बुलेट प्रूफ जैकेट से हथियार उपकरण तक
कानपुर की कैपिटल एयरगन कंपनी ने पैवेलियन में बुलेट प्रूफ जैकेट, हेलमेट और सदरी के साथ 9 एमएम, 0.32 बोर, 0.30 बोर, 0.45 बोर और 12 बोर से जुड़े उपकरण प्रदर्शित किए हैं।
कंपनी के ऑपरेशनल एंड मार्केटिंग मैनेजर हर्षित द्विवेदी ने बताया कि कंपनी ने पिछले साल भी ट्रेड शो में हिस्सा लिया था। उनके अनुसार, इसके बाद निजी क्षेत्र के लोगों ने कंपनी से संपर्क किया और कंपनी के कारोबार में बढ़ोतरी हुई।
पोखरण परीक्षण के बाद ‘काल’ ड्रोन का प्रदर्शन
झांसी और नोएडा आधारित आईजी डिफेंस का ‘काल’ ड्रोन भी पैवेलियन के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है। कंपनी के अनुसार, यह भारत का पहला स्वदेशी लंबी दूरी का वन-वे अटैक ड्रोन है। इसका परीक्षण 21 सितंबर 2026 को राजस्थान के पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में किया गया था।
कंपनी के मुताबिक, ‘काल’ ड्रोन 1,000 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकता है और 50 किलोग्राम तक का पेलोड ले जाने में सक्षम है। इसमें नाइट विजन की सुविधा भी है, जिससे रात में तस्वीरें उपलब्ध कराई जा सकती हैं।
सौर ऊर्जा से चलता है ‘तेजस्वन’
आईआईटी कानपुर के सहयोग से तैयार मराल एयरोस्पेस का ‘तेजस्वन’ ड्रोन भी युवाओं का ध्यान खींच रहा है। कंपनी के अनुसार, सौर ऊर्जा से संचालित यह ड्रोन पांच किलोग्राम तक सामग्री ले जाने और 300 किलोमीटर तक उड़ान भरने में सक्षम है।
इसके निर्माण दल में शामिल आईआईटी खड़गपुर के छात्र आशीष आनंद और प्रमोद द्विवेदी ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में तेजस्वन का इस्तेमाल भारतीय सेना में किया जा सकता है।
ब्रह्मोस की प्रतिकृति के साथ सेल्फी ले रहे युवा
ब्रह्मोस एयरोस्पेस के डिप्टी मैनेजर रोहन मिश्रा के अनुसार, ब्रह्मोस की प्रतिकृति युवाओं के बीच खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। युवा इसके साथ तस्वीरें लेने के साथ-साथ रक्षा तकनीक से जुड़े सवाल भी पूछ रहे हैं। उनके सवालों का जवाब देने के लिए पैवेलियन में विशेषज्ञ मौजूद हैं।
डिफेंस पैवेलियन में न्यू स्पेस रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी, गुरुत्व सिस्टम, वास टेस्टिंग सिस्टम, डेटम, डब्ल्यूडब्ल्यू डिफेंस, काली म्यूटेशन और आईडीआर समेत कई कंपनियों ने अपने उत्पाद प्रदर्शित किए हैं।
ड्रोन, सुरक्षा उपकरणों और रक्षा तकनीक की यह प्रदर्शनी उत्तर प्रदेश में विकसित हो रहे रक्षा उत्पादन तंत्र की झलक पेश कर रही है। ट्रेड शो के जरिए कंपनियों को अपने उत्पाद और तकनीक प्रदर्शित करने के साथ संभावित कारोबारी संपर्क बनाने का अवसर भी मिल रहा है।