समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान, एक्सप्रेसवे और पत्रकारों से जुड़े बयानों पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर और दानिश आजाद अंसारी ने पलटवार किया है। दोनों मंत्रियों ने सपा और कांग्रेस की राजनीतिक नजदीकी के साथ-साथ सपा सरकार के कार्यकाल को लेकर भी सवाल उठाए।
‘आपातकाल लगाने वाली कांग्रेस के साथ सपा क्यों?’
मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि कांग्रेस ने देश में आपातकाल लगाकर लोकतंत्र का अपमान किया था। उन्होंने सवाल किया कि अगर सपा लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान करती है तो वह कांग्रेस के साथ राजनीतिक रूप से क्यों खड़ी है। अनिल राजभर ने सपा के रुख को लेकर ‘दोहरा चरित्र’ होने का आरोप लगाया और कहा कि जनता भी इसे देख रही है।
एक्सप्रेसवे को लेकर भी साधा निशाना
एक्सप्रेसवे के मुद्दे पर अनिल राजभर ने सपा सरकार के कार्यकाल को लेकर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि उस समय एक्सप्रेसवे परियोजना का इस्तेमाल कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए किया गया। उन्होंने कहा कि योगी सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे का नेटवर्क बढ़ा है। अनिल राजभर ने दावा किया कि देश के कुल एक्सप्रेसवे का 56 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में है। पत्रकारों के मुद्दे पर भी उन्होंने सपा सरकार के दौरान एक पत्रकार को जिंदा जलाए जाने का आरोप लगाया और सपा नेताओं पर पत्रकारों से नाम, चैनल और जाति पूछकर दबाव बनाने का आरोप लगाया।
‘लोकतंत्र की बात पर जनता हंसेगी’
दानिश आजाद अंसारी ने भी अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सपा जब लोकतंत्र की बात करती है तो जनता इस पर सवाल करेगी। उन्होंने कांग्रेस के साथ सपा की राजनीतिक नजदीकी का जिक्र करते हुए आपातकाल का मुद्दा उठाया। दानिश आजाद ने आरोप लगाया कि सत्ता हासिल करने के लिए सपा को अब लोकतंत्र सेनानियों की याद आ रही है।
गंगा, पूर्वांचल और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का किया जिक्र
एक्सप्रेसवे को लेकर दानिश आजाद ने गंगा, पूर्वांचल और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिली है। उन्होंने सपा सरकार के कार्यकाल में एक्सप्रेसवे के रूट तय करने को लेकर भी आरोप लगाए। उनके मुताबिक, कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए रूट तय किए गए और जमीनें पहले ही खरीद ली गई थीं।
पत्रकारों के सम्मान के मुद्दे पर भी पलटवार
अखिलेश यादव के पत्रकारों के सम्मान से जुड़े बयान पर दानिश आजाद ने शाहजहांपुर में एक पत्रकार की हत्या का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री रहते यह घटना हुई थी।
दानिश आजाद ने यह भी आरोप लगाया कि अखिलेश यादव प्रेस वार्ताओं में पत्रकारों से उनकी जाति पूछकर उनके सवालों का जवाब देते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में सपा की ओर से पत्रकारों के सम्मान की बात किए जाने पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
दोनों मंत्रियों ने अपने बयानों में सपा की नीतियों और उसके कार्यकाल को लेकर कई आरोप लगाए और योगी सरकार के कार्यकाल में हुए इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का उल्लेख किया।