धर्म ग्रंथों के अनुसार, भगवान श्रीगणेश का जन्म चतुर्थी तिथि पर हुआ था, इसलिए इस तिथि के स्वामी श्रीगणेश ही हैं। इस तिथि पर भगवान श्रीगणेश की पूजा बहुत ही शुभ मानी जाती है। हिंदू पंचांग के महीने की दोनों पक्षों की चतुर्थी तिथि को भगवान श्रीगणेश को प्रसन्न करने के लिए पूजा व उपवास किया जाता है। शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को विनायकी और कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी कहते हैं। आगे जानिए साल 2025 में विनायकी और संकष्टी चतुर्थी का व्रत कब-कब किया जाएगा…
जनवरी 2025 की चतुर्थी तिथि (January 2025 Chaturthi Tithi Date)
3 जनवरी, शुक्रवार- विनायकी चतुर्थी
17 जनवरी, शुक्रवार- संकष्टी चतुर्थी (तिल चौथ)
संकष्टी चतुर्थी व्रत महत्व
संकष्टी चतुर्थी की व्रत रखने से भक्त अपनी जीवन में होने वाली हर समस्या से दूर रहते हैं और सभी दोषों और पापों से मुक्ति प्राप्त करते हैं. इसके अतिरिक्त, यह दिन सभी कठिनाइयों, रुकावटों को दूर करता है, और भक्तों को स्वास्थ्य, धन, समृद्धि प्रदान करता है.
संकष्टी चतुर्थी पर सुहागन स्त्रियां सुबह-शाम गणेशजी की पूजा करती है और रात में चंद्रमा के दर्शन और पूजा करने के बाद पति का आशीर्वाद लेती है.इसके बाद व्रत खोला जाता है. इस तरह व्रत करने से संतान की उम्र लंबी होती है और दाम्पत्य जीवन में कभी संकट नहीं आता. शादीशुदा जीवन में प्रेम के साथ सुख भी बना रहता है.
जनवरी 2025 की चतुर्थी तिथि
- 17 जनवरी 2025 माघ, कृष्ण चतुर्थी
- 16 फरवरी 2025 फाल्गुन, कृष्ण चतुर्थी
- 17 मार्च 2025 चैत्र, कृष्ण चतुर्थी
- 16 अप्रैल 2025 वैशाख, कृष्ण चतुर्थी
- 16 मई 2025 ज्येष्ठ, कृष्ण चतुर्थी
- 14 जून 2025 आषाढ़, कृष्ण चतुर्थी
- 14 जुलाई 2025 श्रावण, कृष्ण चतुर्थी
- 12 अगस्त 2025 भाद्रपद, कृष्ण चतुर्थी
- 10 सितम्बर 2025 आश्विन, कृष्ण चतुर्थी
- 10 अक्टूबर 2025 कार्तिक, कृष्ण चतुर्थी
- 8 नवम्बर 2025 मार्गशीर्ष, कृष्ण चतुर्थी
- 7 दिसम्बर 2025 पौष, कृष्ण चतुर्थी