उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में शुक्रवार को अलग-अलग समुदायों के करीब 10 हजार जनजातिय पहुंचे। उन्होंने गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती नदियों के संगम पर पूरी श्रद्धा के साथ डुबकी लगाई। वे पारंपरिक वेशभूषा में सजे हुए थे। उन्होंने भजनों और पारंपरिक नृत्य के साथ मेले में अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की सुगंध बिखेरी।
जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी ने सभी जनजातीय समूहों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उनकी एकता भारत की सबसे बड़ी मजबूती है। जनजातियों ने कहा कि महाकुंभ में उनकी मौजूदगी देश की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता का परिचायक है।
प्रयागराज महाकुंभ 2025: संगम में करीब 10,000 जनजातियों ने आस्था की डुबकी लगाई
You may also like
J-K: सालाना मचैल माता तीर्थयात्रा फिर से शुरू, किश्तवाड़ में पिछले साल आई बाढ़ के बाद लगाई थी रोक.
चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं का रिकॉर्ड उत्साह, 27.67 लाख से अधिक भक्तों ने किए दर्शन.
Sant Sansad 2026: संत संसद को कराने का सबसे बड़ा स्वार्थ है देश में राष्ट्रवाद की मजबूती — हठ योगी जी महाराज.
Sant Sansad 2026: संस्कार विहीन शिक्षा पद्दति ही धर्मांतरण का मूल कारण — डॉ एस आर शास्त्री.