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मुरादाबाद में रामगंगा और कोसी नदी का जलस्तर बढ़ा, निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में रामगंगा और कोसी नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। रामगंगा नदी चेतावनी स्तर के करीब पहुंच गई है, जिसके चलते निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई खेतों और गांवों में पानी पहुंचने के बाद लोग आने-जाने के लिए नावों का इस्तेमाल कर रहे हैं।रामगंगा नदी का जलस्तर 189.6 मीटर तक पहुंच गया है, जबकि इसका खतरे का निशान 190.6 मीटर है। उन्होंने कहा कि फिलहाल नदी खतरे के निशान से नीचे है। कई खेतों में पानी भर गया है, जो अगले 3-4 दिनों में निकलने की उम्मीद है।

रामगंगा और कोसी का पानी बढ़ने से निचले इलाकों के कई गांव प्रभावित हुए हैं। जलभराव वाले क्षेत्रों में लोगों को नावों के जरिए आवाजाही करनी पड़ रही है। नदी का जलस्तर बढ़ने से संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता भी बढ़ गई है। गंगा नदी का जलस्तर कम होने के बाद रामगंगा और कोसी नदियों का पानी भी धीरे-धीरे कम होने लगेगा। हालांकि, नदियों का जलस्तर घटने के बाद भी गांवों में पानी कई दिनों तक जमा रह सकता है।

रामगंगा और कोसी नदियां दो दिनों तक उफान पर रहती हैं, तो गांवों में पानी करीब चार दिनों तक रह सकता है। पहले भी कई बार गांवों में पानी 14 दिनों तक जमा रहा है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है और 24 घंटे अलर्ट मोड पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों की टीमें नदी के जलस्तर और प्रभावित इलाकों की लगातार निगरानी कर रही हैं।

मुरादाबाद में बिगड़ते हालात ऐसे समय सामने आए हैं, जब गंगा नदी का जलस्तर उत्तर भारत के कई हिस्सों में चिंता बढ़ा रहा है। बिहार में भी गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ने के बाद निचले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को नदी के जलस्तर, तटबंधों, संवेदनशील स्थानों और निचले इलाकों पर लगातार नजर रखने के साथ बाढ़ नियंत्रण व्यवस्था तैयार रखने को कहा गया है।