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फलता सीट पर पुनर्मतदान जारी, दोपहर 1 बजे तक 60.43% मतदान

पश्चिम बंगाल की 144-फलता विधानसभा सीट पर गुरुवार को जारी पुनर्मतदान के दौरान दोपहर 1 बजे तक लगभग 60.43 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। कड़ी सुरक्षा और चुनाव आयोग की निगरानी में मतदान शांतिपूर्ण तरीके से जारी है। फलता विधानसभा क्षेत्र में यह पुनर्मतदान पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दौरान मतदान में कथित अनियमितताओं की शिकायतों के बाद कराया जा रहा है। राज्य में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान हुआ था।

फलता सीट से भाजपा उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने कहा कि पुनर्मतदान शांतिपूर्ण माहौल में हो रहा है और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) यहां निर्णायक जीत दर्ज करेगी। पांडा ने कहा, “माहौल अच्छा है, कोई समस्या नहीं है। मतदान केंद्रों पर उत्सव जैसा वातावरण है। मतदाता आ रहे हैं, वोट डाल रहे हैं और वापस जा रहे हैं। भाजपा यहां जीत हासिल करेगी।”

मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ, जो शाम 6 बजे तक चलेगा। वोटों की गिनती 24 मई को की जाएगी। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने फलता विधानसभा क्षेत्र के सभी मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान कराने का आदेश दिया था। इसके साथ ही पश्चिम मग्राहाट और डायमंड हार्बर विधानसभा क्षेत्रों के 15 बूथों पर भी पुनर्मतदान कराया जा रहा है।

चुनाव आयोग के अनुसार, 29 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान बड़ी संख्या में बूथों पर गंभीर चुनावी गड़बड़ियां और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की घटनाएं सामने आई थीं। इसी को देखते हुए फलता में पुनर्मतदान कराने का फैसला लिया गया। इस बीच मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवार जहांगीर खान ने पुनर्निर्वाचन से अपना नाम वापस लेने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि वह फलता में शांति और विकास चाहते हैं, इसलिए चुनावी मुकाबले से हट रहे हैं।

हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि जहांगीर खान का फैसला व्यक्तिगत था और पार्टी का इससे कोई संबंध नहीं है। पार्टी ने आरोप लगाया कि चुनाव बाद हुई हिंसा के बाद फलता में टीएमसी कार्यकर्ताओं पर दबाव बनाया जा रहा है। इससे पहले देबांग्शु पांडा ने मतदान के दौरान मतदाताओं को डराने-धमकाने और कई बूथों पर गड़बड़ी के आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि पुनर्मतदान में भाजपा भारी बहुमत से जीत दर्ज करेगी। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भाजपा ने 207 सीटें जीतकर पहली बार राज्य में सरकार बनाई थी। सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।