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मानसून से पहले केरलम में NDRF की बड़ी तैयारी, 8 जिलों में 240 बचावकर्मी तैनात

केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026 की तैयारियों के तहत राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) ने आठ जिलों में अपनी टीमें तैनात कर दी हैं। यह कदम केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (KSDMA) के अनुरोध पर उठाया गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इस बार मानसून के जल्दी पहुंचने का अनुमान जताया है, जिसके मद्देनजर यह अग्रिम तैयारी की गई है।

एनडीआरएफ की चौथी बटालियन द्वारा कुल आठ टीमें भेजी गई हैं। प्रत्येक टीम में 30 प्रशिक्षित बचावकर्मी शामिल हैं। इन टीमों को कोल्लम, पथानामथिट्टा, अलाप्पुझा, इडुक्की, एर्नाकुलम, त्रिशूर, कोझिकोड और वायनाड जिलों में तैनात किया गया है। ये जिले हर साल भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील माने जाते हैं।

एनडीआरएफ के ऑपरेशंस डिप्टी कमांडेंट प्रवीण एस. प्रसाद ने बताया कि आईएमडी के पूर्वानुमान और केरल सरकार के अनुरोध को देखते हुए यह तैनाती की गई है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त टीमों को भी तुरंत भेजा जा सकता है। इसके अलावा तमिलनाडु में भी चार अतिरिक्त एनडीआरएफ टीमें ऊटी, तिरुनेलवेली और कोयंबटूर जैसे क्षेत्रों में तैनात की गई हैं। चेन्नई और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी टीमें अलर्ट पर रखी गई हैं।

अरक्कोनम स्थित एनडीआरएफ का 24x7 कंट्रोल रूम केरल के स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर (SEOC) के साथ समन्वय में मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। इसका उद्देश्य मौसम संबंधी अपडेट प्राप्त करना और किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है।बुधवार तड़के तमिलनाडु के अरक्कोनम से 240 बचावकर्मियों का एक बड़ा दल केरल रवाना किया गया था। इन सभी कर्मियों को राज्य के आठ अत्यधिक संवेदनशील जिलों में रणनीतिक रूप से तैनात किया गया है, ताकि मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।