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योगी सरकार का बड़ा प्रशासनिक फैसला, 60 मंत्रियों को सौंपी गई जिलों की जिम्मेदारी

उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने 60 मंत्रियों को विभिन्न जिलों का प्रभारी नियुक्त किया है, ताकि जमीनी स्तर पर योजनाओं की निगरानी और जनसमस्याओं के समाधान में तेजी लाई जा सके।

इस नई व्यवस्था के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक को किसी भी जिले का प्रभार नहीं दिया गया है। सरकार के अनुसार, शीर्ष नेतृत्व पूरे प्रदेश के सभी जिलों की समग्र निगरानी और राज्यव्यापी प्रशासनिक कार्यों पर ध्यान केंद्रित करेगा। नई जिम्मेदारियों के तहत महिला कल्याण मंत्री बेबी रानी मौर्य को इटावा और हाथरस का प्रभारी बनाया गया है। वहीं लक्ष्मी नारायण चौधरी को अलीगढ़ और फिरोजाबाद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

जैवीर सिंह को झांसी और फर्रुखाबाद, धर्मपाल सिंह को गाजियाबाद और रामपुर, जबकि नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' को मिर्जापुर और चित्रकूट का प्रभार दिया गया है। इसी तरह अनिल राजभर को आजमगढ़ और सिद्धार्थनगर, राकेश सचान को रायबरेली और कन्नौज तथा नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा को जौनपुर और भदोही की जिम्मेदारी दी गई है।

अन्य प्रमुख आवंटनों में योगेंद्र उपाध्याय को कानपुर नगर, आशीष पटेल को गोंडा, संजय निषाद को कानपुर देहात और ओम प्रकाश राजभर को अंबेडकरनगर का प्रभारी बनाया गया है। इसके अलावा दारा सिंह चौहान को कुशीनगर और श्रावस्ती, सुनील कुमार शर्मा को सहारनपुर, अनिल कुमार को मुरादाबाद, भूपेंद्र चौधरी को आगरा और कासगंज तथा मनोज पांडेय को सीतापुर जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से जिलों में विकास कार्यों की निगरानी बेहतर होगी और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा। इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित 'जनता दर्शन' कार्यक्रम में लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को शिकायतों के त्वरित समाधान के निर्देश दिए। सरकार का जोर प्रशासन को अधिक जवाबदेह और जनकेंद्रित बनाने पर है।