उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के एक ‘एडिशनल प्रोफेसर’ को एक मेडिकल छात्रा के कथित यौन उत्पीड़न के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। पिछले साल दिसंबर के बाद से केजीएमयू में ये तीसरी ऐसी शिकायत है। विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति ने मामले की जांच शुरू कर दी है। केजीएमयू के प्रवक्ता केके सिंह ने एक वीडियो बयान में कहा कि एक एमडी छात्रा ने बुधवार को अपने ही विभाग के एक ‘एडिशनल प्रोफेसर’ पर कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया।
सिंह ने कहा, "शिकायत को गंभीरता से लेते हुए और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए, आरोपी को निलंबित कर दिया गया है और जांच के दौरान विभाग में आने पर उन पर रोक लगा दी गई है।" विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने कहा कि आंतरिक शिकायत समिति के नतीजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ये मामला केजीएमयू के डॉक्टर डॉ. रमीजुद्दीन नाइक उर्फ रमीज मलिक पर एक सहयोगी महिला चिकित्सक द्वारा यौन शोषण, धर्म परिवर्तन और ‘लव जिहाद’ के आरोप लगाए जाने पर उसे गिरफ्तार किए जाने के लगभग एक महीने बाद हुआ है। संस्थान ने तब उन्हें नौकरी से निकालने की सिफारिश की थी। जनवरी में एक अलग मामले में पुलिस ने केजीएमयू के इंटर्न मोहम्मद आदिल को एक नर्सिंग छात्रा से जुड़े कथित दुष्कर्म और ब्लैकमेल मामले में गिरफ्तार किया था।
KGMU Lucknow: KGMU में मेडिकल स्टूडेंट के यौन उत्पीड़न के आरोप में एक 'एडिशनल प्रोफेसर' निलंबित
You may also like
यूपी में 40 ब्लड सेंटरों की जांच, सात के संचालन पर तत्काल रोक, बिना जांच जारी किया जा रहा था खून.
योगी सरकार माटी कला को दे रही नई पहचान, 48 हजार से अधिक शिल्पकार परिवारों को मिला सहारा.
योगी सरकार का दिवाली गिफ्ट, नवंबर के बिजली बिल में मिलेगी 9.17% की छूट.
योगी सरकार की नई जलयान नियमावली-2026: यूपी की नदियों में नावों को मिलेगी खास पहचान, सुरक्षा के होंगे पुख्ता इंतजाम.