उत्तर भारत में ठंड ने दस्तक दे दी है। सर्दी के साथ ही तापमान में भी गिरावट आने लगी है। आने वाले दिनों में भारत के बड़े हिस्से में घना कोहरा छाने की आशंका है। हालांकि ये कोहरा अक्सर मौसम को खुशनुमा बना देता है। लेकिन रेलवे के लिए गंभीर चुनौती लेकर आता है। घने कोहने की वजह से ट्रेनें देर से चलती हैं, जिसकी वजह से यात्रियों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
ऐसे में रेलवे को यात्रियों की सुरक्षा के लिए सतर्क और सजग रहने की जरूरत होती है, इसलिए उत्तर मध्य रेलवे का प्रयागराज मंडल सर्दी के मौसम में होने वाली दुर्घटनाओं को कम करने के लिए हर जरूरी कदम उठा रहा है। विजिबिलिटी कम होने पर क्या कहना चाहिए? इसको लेकर रेलवे अपने कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दे रहा है। इसमें सिग्नल सिस्टम में बदलाव के बारे में जानकारी देना और कई तरह की एहतियाती चीजें शामिल हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि कोहरे की वजह से यात्रा में देरी होना स्वभाविक है और यात्रियों को इसके लिए तैयार रहना चाहिए, क्योंकि रेलवे का दायित्व सुरक्षित और सुगम यात्रा प्रदान करना है।
कोहरे से होने वाली देरी से निपटने के लिए भारतीय रेलवे ने बढ़ाए शीतकालीन सुरक्षा उपाय
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