Breaking News

'सीटों से ज्यादा गठबंधन जरूरी', सपा प्रमुख अखिलेश यादव का बड़ा बयान     |   उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी की स्क्रीनिंग परीक्षा जारी     |   इंडोनेशिया में सुबह-सुबह भूकंप के झटके, 5.2 रही तीव्रता; 10 किमी गहराई में था केंद्र     |   आज से शुरू होगा विश्व अंतरिक्ष सप्ताह, 10 अक्टूबर तक होंगे स्पेस से जुड़े कार्यक्रम     |   मुंबई में उद्धव-राज ठाकरे के संयुक्त मार्च में कांग्रेस और NCP (SP) भी शामिल होगी     |  

जम्मू-कश्मीर में बढ़ रही आतंकवादी घटनाओं को लेकर सरकार सख्त, टॉप अफसरों को हटाया

जम्मू-कश्मीर में बढ़ती आतंकवादी घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं. जहां बीते कुछ महीनों से लगातार एसी घटनाओं की खबरें सामने आ रही हैं. जिसमें सेना के कई जवान भी शहीद हए. इन घटनाओं को लेकर केंद्र सरकार की ओर से भी सख्त लहजे में ये बात कही जा चुकी है कि इस पर अंकुश लगाने के लिए सरकार प्रयास कर रही है. और आतंकवादियों को उन्हीं की भाषा में जवाब दिया जाएगा और इसी के साथ जो प्रशासनिक कमियां हैं. उन पर भी ध्यान दिया जाएगा. इस बीच गृह मंत्रालय ने बढ़ा एक्शन लिया है जहां बीएसएफ के दो अधिकारियों के खिलाफ एक्शन लेते हुए उन्हें पदों से हटा दिया गया है. बीएसएफ डीजी नीतिन अग्रवाल और स्पेशल डीजी वाई बी खुरानिया को पद से कार्यमुक्त कर दिया गया है. बीएसएफ डीजी नीतिन अग्रवाल को मूल कैडर यानि केरल कैडर में वापस भेज दिया गया है. वहीं, स्पेशल डीजी वाईबी खुरानिया को भी हटाकर उन्हें भी ओडिशा कैडर में वापस भेज दिया गया.

पहली बार दो वरिष्ठतम अधिकारियों पर गिरी गाज
हालांकि सरकार ने अचानक केरल कैडर में वापसी के बारे में कुछ नहीं कहा है, लेकिन माना जा रहा है कि जम्मू सेक्टर में घुसपैठ बढ़ने के कारण नितिन अग्रवाल को बीएसएफ प्रभार से मुक्त किया गया है. जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा और एलओसी के कुछ हिस्सों की सुरक्षा बीएसएफ करती है. इसके अलावा पंजाब सेक्टर से लगातार हो रही आतंकी घुसपैठ को प्रभावशाली ढंग से काबू ना कर पाना भी इस एक्शन की बड़ी वजह मानी जा रही है. पिछले कई सालों में ऐसा पहली बार हुआ है, जब 2 वरिष्ठतम अधिकारियों को इस तरीके से हटाया गया है, जो किसी अर्ध सैनिक बलों को लीड कर रहे थे. जानकारी के मुताबिक जल्द ही नए अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी.