पश्चिम बंगाल में शुभेंदु कैबिनेट का सोमवार को पहला विस्तार हुआ. लोक भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में 13 कैबिनेट मंत्री और 22 राज्य मंत्रियों ने शपथ ली, जिनमें से तीन को स्वतंत्र प्रभार दिया जाएगा. इससे पहले 9 मई को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पांच अन्य मंत्रियों के साथ शपथ ली थी. तब से सरकार केवल छह मंत्रियों के साथ काम कर रही थी और मुख्यमंत्री अकेले 41 विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे.
पश्चिम बंगाल विधानसभा के आकार के अनुसार राज्य में मुख्यमंत्री के अलावा अधिकतम 44 मंत्री बनाए जा सकते हैं. सोमवार को 35 नए मंत्रियों के शामिल होने के बाद सरकार में मुख्यमंत्री को छोड़कर कुल 40 मंत्री हो जाएंगे. यानी मुख्यमंत्री सहित मंत्रिपरिषद की कुल संख्या 41 होगी. केवल 13 नए कैबिनेट मंत्रियों को शामिल करना भाजपा की अपेक्षाकृत छोटे मंत्रिमंडल की रणनीति को दर्शाता है. माना जा रहा है कि प्रशासनिक अनुभव रखने वाले विधायकों को ही कैबिनेट स्तर की जिम्मेदारी दी जा रही है, जबकि अन्य नेताओं को राज्य मंत्री के रूप में मौका दिया जाएगा. इससे सरकार के कामकाज को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने में मदद मिलने की उम्मीद है.
कैबिनेट मंत्री - 13
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) - 3
राज्य मंत्री - 19
कैबिनेट मंत्री:
- दीपक बर्मन
- तापस रॉय
- डॉ. शंकर घोष
- मनोज कुमार उराँव
- अर्जुन सिंह
- गौरी शंकर घोष
- स्वपन दासगुप्ता
- जग्गन्नाथ चट्टोपाध्याय
- कल्याण चक्रवर्ती
- अजय पोद्दार
- सारदवत मुखर्जी
- दूध कुमार मंडल
- अनुप कुमार दास
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
- डॉ. इंद्रनील खान
- मालती राव रॉय
- राजेश महतो
राज्य मंत्री
- जोएल मुर्मू
- हरे कृष्ण बेरा
- आनंदमय बर्मन
- अशोक डिंडा
- नदियार चंद बाउरी
- विशाल लामा
- शांतनु प्रमाणिक
- मौमिता विश्वास मिश्रा
- उमेश रे
- पूर्णिमा चक्रवर्ती
- कौशिक चौधरी
- भास्कर भट्टाचार्य
- दिबाकर घरामी
- अमिया किस्कू
- कलिता माझी
- गार्गी दास घोष
- बिराज विश्वास
- दीपंकर जना
- सुमना सरकार