श्रावण मास के पहले सोमवार पर वाराणसी की पवित्र नगरी में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के लिए हजारों शिवभक्त तड़के से ही कतारों में लगे नजर आए। 'हर-हर महादेव' के जयकारों से पूरा शहर गूंज उठा। भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर सख्त किया गया है। सुबह 3 बजे से ही बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालु मंदिर के गेटों पर कतारों में लग गए थे। मंदिर प्रशासन ने बताया कि आज लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए अलग से विशेष प्रबंध किए गए हैं।
श्रद्धालुओं में उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए हैं। कई कांवड़िए भी जल अर्पण के लिए गंगा तट से जल लेकर मंदिर पहुंचे। जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। मंदिर और आसपास के क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। कुल 2000 से अधिक पुलिसकर्मी, PAC और RAF के जवान तैनात किए गए हैं। CCTV कैमरों से 24 घंटे निगरानी की जा रही है। ड्रोन से भीड़ की निगरानी की जा रही है। संदिग्ध वस्तुओं और गतिविधियों पर नजर रखने के लिए एंटी-सबोटाज टीमें भी लगाई गई हैं।
श्रावण सोमवार के चलते वाराणसी शहर में यातायात में परिवर्तन किया गया है। कुछ मार्गों को वन-वे कर दिया गया है, जबकि VIP दर्शन के लिए अलग गेट से प्रवेश की व्यवस्था की गई है। जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से धैर्य और सहयोग बनाए रखने की अपील की है। श्रावण सोमवार पर वाराणसी की सड़कों, घाटों और मंदिर प्रांगण में भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। गंगा घाटों पर स्नान करने के बाद श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए उमड़ पड़े। भजन-कीर्तन, ढोल-नगाड़ों और मंत्रोच्चार से माहौल भक्तिमय हो उठा।