राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज किया और कहा कि उनके खिलाफ ‘‘सुनियोजित अभियान’’ चलाया गया है। आरोपों को ‘‘झूठा’’ करार देते हुए राघव चड्ढा ने कहा, ‘‘मैंने हमेशा संसद में जनता से जुड़े मुद्दों को उठाया है, मैं वहां सरकार पर दबाव डालने के लिए हूं, हंगामा करने के लिए नहीं।’’
राघव चड्ढा ने एक वीडियो संदेश में इस आरोप को ‘‘सरासर झूठ’’ बताया कि उन्होंने विपक्षी दलों के साथ बहिर्गमन नहीं किया। उन्होंने अपने आलोचकों को चुनौती दी कि वे एक भी ऐसा उदाहरण पेश करें जहां उन्होंने (बहिर्गमन में) भाग नहीं लिया हो, और कहा कि संसदीय कार्यवाही कैमरों के माध्यम से रिकॉर्ड की जाती है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त से संबंधित प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने से इनकार करने के एक अन्य आरोप का खंडन करते हुए, राघव चड्ढा ने कहा कि किसी भी पार्टी नेता ने औपचारिक या अनौपचारिक रूप से उनसे इस पर हस्ताक्षर करने के लिए नहीं कहा था।
राघव चड्ढा ने कहा कि उनकी पार्टी के कई अन्य सांसदों ने भी इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए थे। उन्होंने कहा कि संसद में उनका ध्यान जीएसटी, आयकर, दिल्ली में वायु प्रदूषण, पंजाब में जल संबंधी समस्याएं, सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, रेल यात्री मुद्दे, बेरोजगारी और महंगाई जैसे सार्वजनिक मुद्दों को उठाने पर रहा है।
राघव चड्ढा ने कहा कि वे संसद में हंगामा करने के लिए नहीं, बल्कि जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने जाते हैं, क्योंकि ये करदाताओं के पैसे से चलती है और लोगों की चिंताओं को उजागर करना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, ‘‘हर झूठ का पर्दाफाश होगा।’’