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ऋषिकेश के बजरंग सेतु के ग्लास स्काईवॉक पर अब लगेगा शुल्क, बच्चों के लिए ₹50 और बड़ों के लिए ₹100 फीस

ऋषिकेश में नवनिर्मित बजरंग सेतु के ग्लास स्काईवॉक पर चलने के लिए अब पर्यटकों को शुल्क देना होगा। उत्तराखंड सरकार के अधिकारियों के मुताबिक, ग्लास वॉकवे के लिए शुल्क लागू करने की तैयारी पूरी हो चुकी है और जल्द ही नए नियम लागू किए जाएंगे। लोक निर्माण विभाग (PWD) नरेंद्रनगर ने यूजर फीस लागू करने के लिए एक SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) तैयार किया है, जिसे राज्य सरकार से मंजूरी मिल चुकी है। विभाग जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू करेगा। इसके बाद ग्लास वॉकवे पर जाने के लिए बच्चों से ₹50 और वयस्कों से ₹100 शुल्क लिया जाएगा।

PWD के अधिशासी अभियंता प्रवीण कर्णवाल ने बताया कि ग्लास फुटपाथ पर लोगों की आवाजाही सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक होगी। वहीं, पुल के बीच में बना कंक्रीट वाला हिस्सा 24 घंटे लोगों के लिए मुफ्त खुला रहेगा। उन्होंने बताया कि ग्लास फुटपाथ पर सुरक्षा और सुविधा के लिए करीब 48 कर्मचारियों की जरूरत होगी, जो तीन शिफ्ट में काम करेंगे। पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ग्लास वॉकवे पर लोगों की संख्या और आवाजाही को भी नियंत्रित किया जाएगा।

बजरंग सेतु भारत का पहला ग्लास-फ्लोर वाला केबल सस्पेंशन ब्रिज है। यह ऋषिकेश में गंगा नदी पर पुराने लक्ष्मण झूला के पास बनाया गया है। यह पुल टिहरी गढ़वाल के तपोवन को पौड़ी गढ़वाल के जोंक से जोड़ता है। करीब 60-70 करोड़ रुपये की लागत से बने इस पुल की लंबाई 132 मीटर और चौड़ाई 8 मीटर है।

पुल के बीच में दोपहिया वाहनों के लिए 5 मीटर चौड़ा स्टील डेक बनाया गया है, जबकि दोनों तरफ ग्लास वॉकवे हैं। ग्लास वॉकवे को मजबूत और सुरक्षित बनाने के लिए 12 मिलीमीटर मोटे टेम्पर्ड ग्लास की कई परतों का इस्तेमाल किया गया है। बजरंग सेतु के शुरू होने के बाद यह पर्यटकों के लिए ऋषिकेश के प्रमुख आकर्षणों में शामिल होने की उम्मीद है।