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पिछले पांच दिनों में महाराष्ट्र में बारिश से जुड़ी दुर्घटनाओं में 21 लोगों की मौत

महाराष्ट्र में बारिश से जुड़ी दुर्घटनाओं में 15 अगस्त से शुरू होकर पांच दिनों में 21 लोगों की मौत हो गई है, जिनमें से अकेले नांदेड़ जिले में सात लोगों की मौत हुई है। राजधानी मुंबई और उसके आसपास के जिलों समेत राज्य के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से, खासकर पिछले दो दिनों से भारी बारिश हो रही है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थिति के बारे में जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य में 15 अगस्त को एक मौत हुई, जबकि अगले दिन (16 अगस्त) तीन मौतें हुईं। 17 अगस्त को सात लोगों की जान चली गई, उसके बाद 18 और 19 अगस्त को क्रमशः तीन और छह लोगों की मौत हुई, जिससे कुल मृतकों की संख्या 21 हो गई।

जिलावार मरने वालों की संख्या इस प्रकार थी: नागपुर (1), मुंबई उपनगर (2), यवतमाल (2), नांदेड़ (7), वाशिम (1), बुलढाणा (1), अमरावती (1), भंडारा (1), अकोला (1), बीड (1), मुंबई शहर (1), रायगढ़ (1) और सिंधुदुर्ग (1)। दीवार या घर गिरना, बिजली गिरना, बाढ़ आना, उफनती नदियों में बह जाना और भूस्खलन मौतों के कुछ प्रमुख कारण हैं। गौरतलब है कि अकेले नांदेड़ जिले में ही सात मौतें हुईं, जिनमें से ज्यादातर मौतें डूबने के कारण हुईं। बारिश से जुड़ी दुर्घटनाओं में 12 जानवर भी मारे गए, जबकि 10 लोग घायल हुए।

रिपोर्ट में कहा गया है कि जगबूदी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जबकि रत्नागिरी में वशिष्ठी, शास्त्री, कजली, कोडवली और बाव समेत कई और नदियां चेतावनी के स्तर से ऊपर बह रही हैं। ठाणे में उल्हास नदी, रायगढ़ में सावित्री और कुंडलिका नदी भी चेतावनी के स्तर को पार कर गई हैं, जबकि रायगढ़ में अंबा नदी खतरे के स्तर से ऊपर बह रही है।

पालघर, नांदेड़ और दूसरे जिलों में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीमों के साथ बचाव अभियान जारी है, जहां सैकड़ों लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है। विस्थापितों के लिए अस्थायी आश्रय और भोजन की व्यवस्था की गई है। मुंबई शहर, उसके उपनगरों, ठाणे, चंद्रपुर, रायगढ़ और रत्नागिरी में अगले 24 घंटों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। जबकि पालघर, नासिक, कोल्हापुर, सतारा और नंदुरबार में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।