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जेई की बेटी के अपहरण मामले में बड़ा एक्शन, किडनैपर्स और पुलिस के बीच मुठभेड़

मेरठ में 7 साल की बच्ची के अपहरण मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। पुलिस ने अपहरण कांड का महज 6 घंटे में खुलासा कर दिया। पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई। जिसमें पुलिस की गोली लगने से दो बदमाश घायल हो गए। जबकि तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वही अपहरण में इस्तेमाल की गई कार भी पुलिस ने बरामद कर ली।

दरअसल पूरा मामला मेरठ के थाना मेडिकल क्षेत्र की है। जहां पर मेरठ की एसओजी सर्विलांस, कई थानों की पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बदमाशों की घेराबंदी की ।जिस पर बदमाशों ने पुलिस पार्टी पर ही फायरिंग कर दिया। इसके बाद पुलिस ने जवाबी फायरिंग में आकाश व एक अन्य के पैर में गोली मार दी जबकि कांबिंग के दौरान तीसरे बदमाश को भी गिरफ्तार कर लिया गया। अपहरण में शामिल तीनों बदमाश गिरफ्तार किया जा चुके हैं। जिनकी निशानदेही पर अपहरण में इस्तेमाल की गई कर भी बरामद कर ली। पुलिस अधिकारियों की माने तो आकाश जल निगम के जेई  का पूर्व ड्राइवर है। जिसे ₹50000 की चोरी के मामले में हटा दिया गया था। इसी मामले में जेई से बदला लेने के लिए आकाश ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर अपहरण की साजिश डाली। इसके बाद उसने बच्ची का अपहरण किया और 3 करोड़ की फिरौती मांग डाली। हालांकि पुलिस इस मामले में अलर्ट हो गई। सभी रास्तों पर जब चेकिंग शुरू हो गई तो फिर अपहरणकर्ता खुद ही बच्ची को छोड़कर फरार हो गए। इसके बाद अब मुठभेड़ के दौरान सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है और अब जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।

वहीं इस मामले में एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि शास्त्री नगर क्षेत्र में एक 6 वर्षीय बच्ची का अपहरण किया गया था इसके बाद पूरे एरिया की नाकाबंदी की गई थी अगवा होने के करीब 2 घंटे बाद बच्ची सकुशल स्वयं ही घर वापस आ गई थी लेकिन आरोपियों की तलाश में पुलिस जुटी थी पूछताछ में पता चला कि उनके घर में एक पूर्व में ड्राइवर था आकाश उसकी गतिविधियां संदिग्ध नजर आ रही थी और उसकी गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा था कुछ देर पहले सूचना मिली कि वह नौचंदी मैदान के आसपास अपने साथियों के साथ है। सूचना मिलते ही घेराबंदी की गई और इनको गिरफ्तार करने का प्रयास किया गया। लेकिन इन्होंने पुलिस पर फायर कर दिया जिसके बाद पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की जिसमें आकाश और राजू गोली लगने से घायल हो गए हैं, इनका एक साथी अजय को भी घेराबंदी के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने बताया कि आकाश को 6 महीने पहले महबूब ने काम से निकाल दिया था और उसके ऊपर ₹50000 की चोरी का आरोप था और आकाश का एक साथी राजू जल निगम में नौकरी कर रहा है जो कि आकाश का दोस्त था और घटना से गुस्से में आकर इन दोनों ने इस घटना को रचा और प्लानिंग की थी इस में इन का साथ इन के एक अन्य साथी अजय ने भी दिया। 6 दिन पहले पूरी प्लानिंग की गई थी और कल रात में इन्होंने गाड़ी किराए पर ली और आज करीब 1:30 बजे के आसपास महबूब के घर के पास रेकी की और बच्ची के आते ही उसको अपहरण कर लिया। अजय ने मास्क पहन रखा था और बच्ची को उसने गाड़ी में बैठाया और यह सब उसे लेकर हापुड रोड की ओर चले गए पुलिस लगातार चेकिंग कर रही थी और पुलिस से घबराकर इन्होंने बच्ची को वापस छोड़ दिया और उसके बाद फरार हो गए थे इन के पास से अपहरण में इस्तेमाल की गई कार UP 15 AU 5451, एक मोबाइल फोन और 02 तमंचे व 02 खोखा कारतूस व 01 जिन्दा कारतूस 315 बोर बरामद हुए है।