Breaking News

UP: CM आवाज पर लखनऊ अग्निकांड को लेकर हाई लेवल मीटिंग, कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद     |   लखनऊ अग्निकांड: मृतकों के परिजनों को ₹5-5 लाख, घायलों को 50-50 हजार देने का ऐलान     |   ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन 23 जून को पाकिस्तान का दौरा करेंगे     |   ब्रिटेन: एंडी बर्नहैम ने लेबर पार्टी नेता और PM पद की दौड़ में उतरने का ऐलान किया     |   यूक्रेनी ड्रोन ने रूस के वोरोनिश इलाके में स्बोर्का सेमीकंडक्टर प्लांट पर हमला किया     |  

बांग्लादेश की संसद के अध्यक्ष ने सदन में दाखिल होने पर सम्मान स्वरूप शीश झुकाने की परंपरा से छूट दी

ढाका, 18 जून (भाषा) बांग्लादेश की संसद के अध्यक्ष ने बृहस्पतिवार को कहा कि सांसदों को सदन में आते-जाते समय सम्मान स्वरूप शीश झुकाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह व्यवस्था एक विपक्षी सदस्य द्वारा इस परंपरा को ‘‘गैर इस्लामिक’’ बताए जाने के लगभग तीन हफ्ते बाद दी।

बांग्लादेश की एक सदन वाली संसद को जातीय संसद के नाम से जाना जाता है।

जातीय संसद के अध्यक्ष हाफिज उद्दीन अहमद ने कहा, ‘‘आप अपने-अपने धर्मों की परंपराओं का अनुसरण करते हुए आसन का सम्मान करेंगे।’’

जमात-ए-इस्लामी के सांसद मुजीबुर रहमान ने छह जून को सदन में दाखिल होते समय शीश झुकाकर अभिवादन करने की प्रथा का विरोध करते हुए कहा कि यह इस्लामी मान्यताओं के खिलाफ है और इसे एक गंभीर ‘‘पाप’’ माना जाता है।

जातीय संसद के अध्यक्ष ने कहा कि सदन के नियमों की समीक्षा के दौरान उन्होंने पाया कि संसदीय कार्य-प्रक्रिया नियमों में 2006 में हुए एक संशोधन के तहत सांसदों को शीश झुकाने की बाध्यता से छूट दी गई थी।

उन्होंने बताया कि यह संशोधन तब हुआ जब बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) नीत गठबंधन की सरकार सत्ता में थी और जमात उसकी मुख्य सहयोगी थी।

नियमों के संशोधन के बावजूद, बाद के सत्रों में अधिकतर सांसदों ने इस परंपरा का पालन जारी रखा, जबकि कुछ लोग सम्मान स्वरूप अपना दाहिना हाथ हिलाते थे।

भाषा धीरज नेत्रपाल

नेत्रपाल