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अगरवाला ने एशियाई खेल टीम चयन को चुनौती दी, पारदर्शिता की मांग

(दूसरे पैरा में नाम में सुधार के साथ रिपीट)

(अमनप्रीत सिंह)

नयी दिल्ली, 18 जून (भाषा) भारतीय ड्रेसेज राइडर अनुष अगरवाला ने आगामी एशियाई खेलों की टीम से बाहर रखे जाने पर सवाल उठाते हुए चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता के अभाव के आरोप लगाते हुए भारतीय घुड़सवारी महासंघ की तदर्थ समिति द्वारा अपनाये गए मानदंडों और गणना का ब्यौरा मांगा ।

ईएफआई ने श्रुति वोरा, गौरव पुंडिर, जय सूद और हृदय छेद्दा को ड्रेसेज टीम में रखा है । पेरिस ओलंपिक में भारत के अकेले ड्रेसेज राइडर अगरवाला हांगझोउ एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा थे । उन्हें सुदिप्ति हजेला के साथ रिजर्व खिलाड़ी रखा गया है ।

ईएफआई अधिकारी कर्नल संदीप दीवान से मिलने के बाद समिति को लिखे पत्र में अगरवाला ने कहा कि उन्हें मेरिट आंकड़ों का ब्यौरा नहीं दिया गया जिसके आधार पर टीम चुनी गई है और उन्हें यह भी नहीं बताया गया कि अंतिम फैसला तदर्थ समिति ने लिया है या चयन समिति ने ।

जर्मनी में बसे राइडर ने कहा कि टीम से बाहर किये जाने पर स्पष्टीकरण के लिये वह भारत आये थे लेकिन उन्हें बार बार कहा गया कि चयन निष्पक्ष तरीके से और तय मानदंडों के आधार पर ही किया गया है ।

उन्होंने कहा कि टीम की घोषणा से पहले सभी संभावित राइडर के बीच अंतिम ट्रायल भी नहीं कराया गया । उन्होंने दावा किया कि उन्हें बताया गया कि चयन समिति को ट्रायल जरूरी नहीं लगा जबकि यह टीम चयन के मानदंडों में है ।

अगरवाला ने कहा कि तदर्थ समिति की कार्यवाहक अध्यक्ष यशोधरा सिंह और मुख्य तकनीकी सलाहकार अधिराज सिंह से स्पष्टीकरण मांगने की उनकी कोशिशें नाकाम रही ।

ईएफआई भारतीय ओलंपिक संघ द्वारा नियुक्त एक तदर्थ समिति के तहत काम कर रहा है, जिसे राष्ट्रीय महासंघ के भीतर प्रशासन से जुड़े विवादों और प्रशासनिक मुद्दों के बाद बनाया गया था। यह समिति नए चुनाव होने तक खेल के मामलों की देखरेख कर रही है, जिसमें बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के लिए चयन भी शामिल हैं।

भाषा मोना नमिता

नमिता

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