रांची, 18 जून (भाषा) झारखंड के रांची में आरएसएस कार्यालय पर कथित तौर पर पेट्रोल बम फेंकने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
एक अधिकारी ने बताया कि दोनों आरोपियों को बुधवार देर रात लोहरदगा जिले से पकड़ा गया और उनके द्वारा इस्तेमाल की गई एक कार जब्त कर ली गई।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने आरोप लगाया था कि बुधवार तड़के निवारणपुर इलाके में उसके कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंके गए, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया।
रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राकेश रंजन ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया, 'इस मामले के सिलसिले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है।'
उन्होंने बताया कि जांच के दौरान पुलिस को मौके से कांच की बोतलों के टुकड़े बरामद हुए थे।
पुलिस के अनुसार, बोतलों में मौजूद सामग्री का पता लगाने के लिए एक फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का दौरा किया। बम निरोधक दस्ते ने आरएसएस कार्यालय का भी दौरा किया।
एक अन्य अधिकारी ने कहा, ‘‘बोतलों में मौजूद सामग्री के पेट्रोल होने का संदेह है, आईईडी या बम जैसी कोई विस्फोटक वस्तु नहीं मिली।’’
भाजपा के वरिष्ठ नेता और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास ने रांची में आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम हमले की कड़ी निंदा की और इस घटना को झारखंड मुक्ति मोर्चा ‘झामुमो’ के नेतृत्व वाली सरकार की ‘वोट बैंक और तुष्टीकरण नीति’ का परिणाम बताया।
दास ने बुधवार को आरएसएस कार्यालय का दौरा किया और राज्य में मौजूदा कानून व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए।
भाजपा नेता ने कहा कि उन्होंने हमले के संबंध में झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा से बात की है और दोषियों को पकड़ने और उनकी साजिश का पर्दाफाश करने के लिए एक विशेष जांच दल के गठन की मांग की है।
दास ने आरोप लगाया, ‘‘यह राष्ट्रवाद पर हमला था। यह वोट बैंक और तुष्टीकरण की नीति के लिए ‘जिहादियों’ को दी गई स्वतंत्रता का परिणाम था।’’
भाषा तान्या संतोष
संतोष