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तमिलनाडु सरकार केंद्र से उचित वित्तीय अंतरण के लिए कदम उठाएगी: राज्यपाल आर्लेकर

चेन्नई, 18 जून (भाषा) तमिलनाडु विधानसभा में अपने पहले संबोधन में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य सरकार केंद्र से उचित वित्तीय अंतरण के लिए कदम उठाएगी।

राज्यपाल ने कहा कि वित्तीय सहायता में केंद्र के ‘‘भेदभावपूर्ण रवैये’’ का विस्तार से ब्योरा देने वाली एक रिपोर्ट प्रकाशित की जाएगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय, नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन और अन्य नेता मौजूद रहे।

आर्लेकर ने कहा कि केंद्र सरकार को दिए गए करों से तमिलनाडु के उचित वित्तीय हिस्से की मांग करते हुए विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित किया जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘उचित वित्तीय अंतरण के लिए उच्चतम न्यायालय तक लड़ाई लड़ने हेतु एक विशेष कानूनी समिति गठित की जाएगी।’’

उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि तमिलनाडु को केंद्र सरकार से वित्तीय अंतरण में उसका उचित हिस्सा मिले।

सरकार तमिलनाडु के हितों की रक्षा, राज्य के अधिकारों के लिए संघर्ष और जरूरी योजनाओं को लागू कराने के लिए केंद्र पर दबाव बनाने हेतु पूरी तत्परता से काम करेगी।

राज्यपाल ने तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) राज्य सरकार द्वारा हाल में जारी उस श्वेत पत्र का भी उल्लेख किया, जिसमें पूर्ववर्ती सरकार के ‘‘वित्तीय कुप्रबंधन’’ का ब्योरा दिया गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘तमिलनाडु में रहने वाले हर व्यक्ति पर एक लाख रुपये से अधिक का कर्ज का बोझ है।’’

पिछले कुछ वर्षों में पहली बार राज्यपाल अपने पूर्ववर्ती आर एन रवि के विपरीत सरकार द्वारा तैयार भाषण के पाठ पर कायम रहे। रवि ने राजभवन और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) नीत पूर्ववर्ती सरकार के बीच टकराव के कारण अपने संबोधन के दौरान सदन से वॉकआउट तक कर लिया था।

भाषा

खारी मनीषा

मनीषा