करूर (तमिलनाडु), 17 जून (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी को निशाना बनाने के लिए द्रमुक के तमिल भाषा के मुखपत्र ‘मुरासोली’ की आलोचना करते हुए, करूर से लोकसभा सदस्य एस. ज्योतिमणि ने बुधवार को कहा कि उनकी पार्टी की चुप्पी को कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए।
ज्योतिमणि ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि द्रमुक के अखबार द्वारा राहुल पर किया गया तीखा हमला स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी मुंहतोड़ जवाब दे सकती थी, लेकिन द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के साथ हर मुश्किल समय में रहे पुराने रिश्तों को देखते हुए उन्होंने ऐसा नहीं किया।
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब द्रमुक चुनाव हार गई है और उसके ज्यादातर सहयोगी भी साथ छोड़ चुके हैं, “हमें लगता है कि वे नाराज हैं और यह स्वाभाविक है।”
उन्होंने कहा कि किसी भी हाल में राहुल की आलोचना बर्दाश्त नहीं की जाएगी और द्रमुक को कांग्रेस को ऐसी स्थिति में नहीं पहुंचाना चाहिए कि उसे भी वैसा ही जवाब देना पड़े।
उन्होंने ‘मुरासोली’ को राहुल गांधी पर हमले रोकने को कहा और इसे “अनुचित हमला” करार दिया।
ज्योतिमणि ने भरोसा जताया कि द्रमुक प्रमुख एम.के. स्टालिन ‘मुरासोली’ पर लगाम लगाएंगे।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ही एकमात्र ऐसे नेता हैं जो बिना किसी समझौते के प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ मजबूती से लड़ रहे हैं।
भाषा प्रशांत माधव
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