कोलकाता, 17 जून (भाषा) पिछले साल सॉल्ट लेक स्टेडियम में लियोनेल मेसी के भारत दौरे के दौरान मची अफरातफरी के संबंध में कार्यक्रम के आयोजक ने बुधवार को दावा किया कि फुटबॉल के दिग्गज खिलाड़ी की संपर्क टीम ने पुलिस को पत्र लिखकर इस गड़बड़ी के लिए पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास को जिम्मेदार ठहराया है।
यह पत्र कार्यक्रम के आयोजक शतद्रु दत्ता को कुप्रबंधन के आरोपों से राहत देने वाला है, जिन्हें इन्हीं आरोपों के चलते पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार के समय गिरफ़्तार करके जेल भेज दिया गया था।
हालांकि, कथित पत्र प्राप्त करने वाली बिधाननगर पुलिस ने इस घटनाक्रम के बारे में कुछ भी कहने से इनकार किया।
दत्ता ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘आज एक ईमेल आया। मेसी के भारत दौरे से जुड़े सलाहकार ने बिधाननगर के पुलिस आयुक्त को पत्र लिखा है। जिस दिन मुझे गिरफ़्तार किया गया था, उस दिन भी मैंने पुलिस को बार-बार उस समय के खेल मंत्री की भूमिका के बारे में बताया था। लेकिन पुलिस ने इसे नज़रअंदाज़ कर दिया और मुझे बलि का बकरा बना दिया, क्योंकि उस समय अरूप बिस्वास मंत्री थे।’’
उन्होंने कहा कि उनके पास उस बातचीत का ब्योरा है जिसमें पूर्व खेल मंत्री को प्रोटोकॉल और सुरक्षा इंतज़ामों के उल्लंघन के लिए जवाबदेह ठहराया गया था, जिसकी वजह से कार्यक्रम में बाधा पड़ी थी।
दत्ता ने दावा किया, ‘‘उन्होंने अब सीधे बिधाननगर पुलिस आयुक्त को ईमेल किया है तथा यह भी बताया है कि ज़रूरत पड़ने पर वह और जानकारी देने को तैयार हैं।’’
पीटीआई-भाषा उनके द्वारा साझा किए गए इस पत्र की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं कर सकी। इसमें यह भी आरोप लगाया गया कि स्टेडियम में मेसी की मौजूदगी के लिए तय प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया गया।
पिछले साल 13 दिसंबर को सॉल्ट लेक स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में भारी अव्यवस्था फैल गई थी, क्योंकि बड़ी संख्या में लोग कथित तौर पर बिना वैध प्रवेश-पत्र के कार्यक्रम स्थल क्षेत्र में घुस गए, जिससे सुरक्षा में चूक हुई और भीड़ अनियंत्रित हो गई थी।
हंगामे के बीच मेसी तेज़ी से मैदान से बाहर चले गए, जिसके बाद नाराज़ दर्शकों के कुछ समूहों ने स्टेडियम के कुछ हिस्सों में तोड़फोड़ की थी।
भाषा
नेत्रपाल माधव
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