नयी दिल्ली, 17 जून (भाषा) विमानन नियामक ‘नागर विमानन महानिदेशालय’ (डीजीसीए) ने अनियंत्रित हवाई पट्टियों के संचालकों से तुरंत परिचालन स्थितियों की समीक्षा करने और उन कमियों को दूर करने को कहा है, जो ऐसे हवाई पट्टियों पर सुरक्षा को प्रभावित करती हैं।
यह परामर्श इन हवाई पट्टियों पर दुर्घटनाओं की पृष्ठभूमि में आया है।
देशभर में कई अनियंत्रित हवाई पट्टियों का उपयोग विमानों के उतरने और उड़ान भरने के लिए किया जा रहा है।
अनियंत्रित हवाई पट्टियों के मालिकों और संचालकों को जारी एक परामर्श में, डीजीसीए ने कहा कि ऐसे सभी हवाई अड्डों और हवाई पट्टियों के संचालकों को अपनी सुविधाओं की परिचालन स्थिति की तुरंत समीक्षा करने और लागू मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की सलाह दी जाती है।
इसने 11 जून के परामर्श में कहा, ‘‘संचालकों को सलाह दी जाती है कि वे रनवे, टैक्सीवे, एप्रन, दृश्य संकेतक, चिह्नांकन, जल निकासी प्रणाली, सीमा बाड़बंदी और प्रवेश नियंत्रण व्यवस्था समेत महत्वपूर्ण अवसंरचना का समय-समय पर निरीक्षण और रखरखाव करें।’’
डीजीसीए ने बताया कि उसके संज्ञान में यह आया है कि ऐसी कई हवाई पट्टियों का रखरखाव निर्धारित मानकों के अनुसार नहीं किया जा रहा है, जिससे उड़ान संचालन की सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
नियामक ने यह भी उल्लेख किया कि अतीत में ऐसी हवाई पट्टियों पर या उनके आसपास कुछ दुर्घटनाएं और घटनाएं हो चुकी हैं, जो विमान संचालन के लिए पर्याप्त सुरक्षा मानकों को बनाए रखने की अत्यंत महत्वपूर्ण आवश्यकता को रेखांकित करती हैं।
अनियंत्रित हवाई पट्टियों पर, उसी स्थान पर स्थित उड़ान प्रशिक्षण संगठनों के प्रशिक्षकों और पायलटों द्वारा यातायात संबंधी जानकारी प्रदान की जाती है।
भाषा
देवेंद्र सुरेश
सुरेश