कानपुर (उप्र), 17 जून (भाषा) संगठित साइबर अपराध पर एक बड़ी कार्रवाई के तहत कानपुर पुलिस ने बुधवार को वैवाहिक रिश्ता तय कराने की सेवा (मैट्रिमोनियल सर्विस) प्रदान करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश करके इस गिरोह के पीछे के कथित सरगना को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने नगर में तीन स्थानों पर दबिश के दौरान टेली-कॉलर के तौर पर कार्यरत 23 महिलाओं को भी हिरासत में लिया और पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान रजनीश कुमार गौर (30) निवासी भिलाई, छत्तीसगढ़ के रूप में हुई है जो वर्तमान में कानपुर में रह रहा है। वहीं उसके तीन साथी अमित, करम पटेल और जागृति फरार हैं।
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि यह गिरोह खुद को असली ‘मैट्रिमोनियल’ सेवा प्रदाता के रूप में पेश करके ‘परफेक्ट रिश्ते’, ‘शादी मैच’ और ‘शादी मैच इंडिया’ के नामों से परिचालन कर रहा था और कथित तौर पर एक संगठित साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क चला रहा था।
उन्होंने कहा कि चंद्रेश नाम के एक व्यक्ति द्वारा शिकायत करने पर यह मामला प्रकाश में आया।
चंद्रेश ने आरोप लगाया कि एक मैट्रिमोनियल ब्यूरो के जरिए शादी के लिए रिश्ता लाने का दावा करते हुए कुछ व्यक्तियों द्वारा उसके साथ करीब चार लाख रुपये की ठगी की गई।
जांच के दौरान साइबर अपराध इकाई ने इस मामले को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर की गई इसी तरह की तीन शिकायतों से जुड़ा पाया और विभिन्न स्थानों पर सक्रिय कई मोबाइल नंबरों का पता लगाया।
अपर पुलिस उपायुक्त अंजली विश्वकर्मा ने बताया कि इस गिरोह ने फर्जी वैवाहिक प्रोफाइल तैयार करने के लिए कृत्रिम मेधा (एआई) से तैयार महिलाओं के संपादित फोटोग्राफ का उपयोग किया। पीड़ितों को पंजीकरण शुल्क, प्रोफाइल तैयार करने का शुल्क आदि भुगतान करने को कहा जाता था।
पुलिस ने दबिश के दौरान 43 कीपैड फोन, 13 एंड्रायड फोन, डेस्कटॉप कंप्यूटर, राउटर्स, एटीएम कार्ड, चेक बुक, क्यूआर कोड, रजिस्टर और अन्य डिजिटल साक्ष्य एकत्रित किए। प्रारंभिक जांच से पता चला कि विभिन्न बैंक खातों से करीब 41 लाख रुपये के लेनदेन हुए।
भाषा सं राजेंद्र संतोष
संतोष