जम्मू, 17 जून (भाषा) पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से विस्थापित लोगों का प्रतिनिधित्व करने वाले जम्मू के एक संगठन ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र से अपील की कि वह पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा किए जा रहे कथित मानवाधिकार उल्लंघन और दमन के मामले में हस्तक्षेप करे।
पीओजेके (पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर) विस्थापित सेवा समिति के अध्यक्ष दीपक कपूर ने यहां संवाददाता सम्मेलन में पाकिस्तानी बलों द्वारा हाल में की गई निर्दोष कश्मीरियों की हत्या की निंदा की और पीड़ित परिवारों के प्रति एकजुटता व्यक्त की।
पेशे से चिकित्सक कपूर ने कहा, “पीओके के लोग पाकिस्तानी बलों के हाथों उत्पीड़न और मानवाधिकार उल्लंघन का सामना कर रहे हैं। उनकी पीड़ा ने दशकों पहले इस क्षेत्र से विस्थापित हुए हमारे समुदायों की परेशानियों और विस्थापन की यादें फिर से ताजा कर दी हैं।”
उन्होंने कहा कि विस्थापित समुदाय के सदस्य पीओजेके के निवासियों के साथ मजबूती से खड़े हैं और सम्मान, अधिकारों तथा बेहतर जीवन स्तर की उनकी मांगों का समर्थन करते हैं।
कपूर ने आरोप लगाया कि बुनियादी सुविधाओं, बेहतर शिक्षा और अधिक राजनीतिक प्रतिनिधित्व की मांग को लेकर निवासियों द्वारा किए गए शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के दौरान पाकिस्तानी सेना ने ज्यादती की।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय, विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र से इस स्थिति पर ध्यान देने और इस मुद्दे को मानवीय दृष्टिकोण से देखने का आग्रह किया।
कपूर ने कहा, “हम संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से अपील करते हैं कि वे क्षेत्र की परिस्थितियों की जांच करें और सीमा पार रहने वाले लोगों के मौलिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में काम करें।”
भाषा जोहेब नेत्रपाल
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