Breaking News

अमित शाह ने लॉन्च किया एंटी-ड्रग विजन, 3 साल में नेटवर्क खत्म करने का लक्ष्य     |   अयोध्या चंदा चोरी मामला: सभी आरोपियों को तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया     |   चंदा केस: ट्रस्ट में रोज चोरी हो रही थी, अरबों रुपये कहां गए? - अरविंद केजरीवाल     |   बिहार: प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़ने का ऐलान किया     |   होर्मुज स्ट्रेट में असुरक्षा के लिए अमेरिका, इजरायल और सहयोगी देश जिम्मेदार: ईरान     |  

आरएसएस ने रांची कार्यालय पर पेट्रोल बम हमले का आरोप लगाया, एसआईटी गठित

रांची, 17 जून (भाषा) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने बुधवार को आरोप लगाया कि रांची स्थित उसके कार्यालय पर मंगलवार देर रात पेट्रोल बम फेंके गए जिसके बाद पुलिस ने घटना की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया है।

आरएसएस के पदाधिकारियों के अनुसार, घटना चुटिया थाना क्षेत्र के निवारणपुर स्थित संगठन के कार्यालय में रात करीब साढ़े 12 बजे हुई।

रांची में आरएसएस के मीडिया समन्वय प्रमुख स्निग्ध रंजन ने आरोप लगाया कि परिसर में पेट्रोल बम फेंके गए।

हालांकि, पुलिस ने कहा कि इस्तेमाल की गई वस्तुओं के बारे में सटीक जानकारी विस्तृत जांच के बाद ही पता चल सकेगी।

रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राकेश रंजन ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘घटनास्थल से कांच की दो बोतलों के टुकड़े बरामद हुए हैं। बोतलों में मौजूद पदार्थ का पता लगाने के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की टीम ने जायजा लिया है।’’

यह पूछे जाने पर कि क्या बोतलों में पेट्रोल था, उन्होंने कहा कि फोरेंसिक जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा, ‘‘घटना में शामिल लोगों की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं।’’

केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने इस घटना को राज्य की राजधानी में शांति भंग करने के उद्देश्य से रची गई ‘‘गंभीर साजिश’’ करार दिया।

सेठ ने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा, ‘‘पेट्रोल बम फेंकने का उद्देश्य क्या था? इसका मकसद आग लगाना था क्योंकि पेट्रोल अत्यधिक ज्वलनशील होता है। ऐसा प्रतीत होता है कि रांची में अशांति फैलाने की साजिश रची गई।’’

रांची सिटी के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) के. वी. रमन ने कहा कि जांचकर्ताओं ने इलाके के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है और कुछ संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाया है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम इन सुरागों पर काम कर रहे हैं। शुरुआती जांच से पता चला है कि संदिग्धों ने एक निजी टैक्सी संभवतः किराए पर ली थी और घटना में दो लोग शामिल थे। हम जानकारी के अन्य स्रोतों की भी पड़ताल कर रहे हैं।’’

बम निरोधक दस्ते के अधिकारियों ने भी परिसर का दौरा किया। एक अधिकारी ने पत्रकारों को बताया कि घटनास्थल से बोतल के टूटे हुए टुकड़े और धागा बरामद किया गया है।

उन्होंने कहा कि बोतल में मौजूद पदार्थ के पेट्रोल होने का संदेह है। उन्होंने बताया, ‘‘घटनास्थल से आईईडी या बम जैसी कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली है।’’

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने घटना को गंभीर चिंता का विषय बताया।

मरांडी ने कहा, ‘‘मैंने रांची के पुलिस अधीक्षक, उपायुक्त और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से बात कर घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने तथा उन्हें गिरफ्तार किए जाने का आग्रह किया है। मैंने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए आरएसएस कार्यालय के पास एक स्थायी पुलिस चौकी स्थापित करने की भी मांग की है।’’

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजेश ठाकुर ने भी इस मामले की गहन जांच की मांग की। उन्होंने कहा, ‘‘इस घटना के समय की भी जांच होनी चाहिए, क्योंकि यह राज्यसभा चुनाव से एक दिन पहले हुई है।’’

भाषा आशीष प्रशांत

प्रशांत