केंद्रपाड़ा (ओडिशा), 17 जून (भाषा) ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले की एक अदालत ने पुलिसकर्मियों पर हमला मामले में महिला सरपंच चमेली ओझा को जमानत दे दी है। वह पुलिसकर्मियों के साथ कथित तौर पर मारपीट करने के मामले में 13 जून से न्यायिक हिरासत में थीं।
महाकालपाड़ा ब्लॉक की तिखिरी ग्राम पंचायत की सरपंच ओझा को दो मामलों में गिरफ्तार किया गया था जिनमें से एक मामले में उन्हें मंगलवार को जमानत मिल गई।
ओझा (33) का अस्पताल में इलाज हो रहा है। उन्हें दूसरे मामले में न्यायिक हिरासत के दौरान गिरफ्तार किया गया था। यह मामला प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) के साथ बदसलूकी करने और उन्हें सरकारी काम करने से रोकने से संबंधित था।
सरकारी वकील रमाकांत कानूनगो ने बताया कि मंगलवार को जमानत देते हुए केंद्रपाड़ा के उप-मंडलीय न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसडीजेएम) ने ओझा को रिहा करने के लिए 30,000 रुपये की जमानत राशि और इतनी राशि के दो मुचलके भरने का निर्देश दिया।
पुलिस ने उन्हें 13 जून को पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट और महाकालपाड़ा बीडीओ कार्यालय में हंगामा करने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
हालांकि, ओझा और उनके समर्थकों का आरोप है कि घटना के दौरान लोगों के एक समूह और पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की थी।
इस घटना के बाद राज्य में राजनीतिक विवाद शुरू हो गया और विपक्षी पार्टियां इस मामले में शामिल पुलिस अधिकारियों और स्थानीय प्रशासकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही हैं।
ओझा ने खुद इस मामले की न्यायिक जांच की मांग की है और पुलिस पर पक्षपातपूर्ण तरीके से काम करने का आरोप लगाया है।
इस बीच, राज्य महिला आयोग (एससीडब्ल्यू) की सदस्य कल्पना मलिक ने अस्पताल में ओझा से मुलाकात की।
मलिक ने पत्रकारों से कहा, ‘‘एससीडब्ल्यू इस मामले में सरकार को कुछ सुझाव देगा। मैं महाकालपाड़ा के थाना प्रभारी और बीडीओ से भी मिलूंगी, जिन्होंने ओझा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।’’
केंद्रपाड़ा के जिलाधिकारी रघुराम आर. अय्यर ने बुधवार को कहा कि जिला प्रशासन ने सरपंच द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच के आदेश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने कहा, ‘‘हमारे अतिरिक्त जिलाधिकारी जांच करेंगे और रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी जाएगी। यह जांच पुलिस द्वारा की जा रही पड़ताल से अलग है।’’
भाषा सुरभि अविनाश
अविनाश