गांधीनगर, 17 जून (भाषा) गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बुधवार को कहा कि राज्य ने कई क्षेत्रों में शीर्ष स्थान हासिल किया है, लेकिन उसे सभी बच्चों का स्कूल में दाखिला सुनिश्चित करने के साथ-साथ अच्छी शिक्षा देकर शिक्षा के क्षेत्र में भी अव्वल बनने की कोशिश करनी चाहिए।
गांधीनगर में होने वाले ‘शाला प्रवेशोत्सव’ (स्कूल दाखिला अभियान) और ‘कन्या केलवणी महोत्सव’ कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए पटेल ने कहा कि गुजरात ने 100 प्रतिशत दाखिला हासिल कर लिया है और स्कूल छोड़ने वालों की दर घटकर एक प्रतिशत रह गई है लेकिन अब ध्यान सीखने के नतीजों को बेहतर बनाने पर होना चाहिए।
शिक्षकों को संबोधित करते हुए पटेल ने कहा, ‘‘गुजरात लगभग हर क्षेत्र में नंबर एक है। यह जरूरी है कि हम शिक्षा के क्षेत्र में भी नंबर एक बनें।’’
उन्होंने सालाना दाखिला अभियान में शामिल अधिकारियों और शिक्षकों से कहा कि वे यह सुनिश्चित करें कि कोई भी बच्चा स्कूल जाने से न छूटे और ‘निपुण गुजरात’ कार्यक्रम के तहत छात्र पढ़ने, लिखने एवं गणित में माहिर बनें।
पटेल ने कहा कि ‘शाला प्रवेशोत्सव’ को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2003 में गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए शुरू किया था। उन्होंने कहा कि अब यह कार्यक्रम अपने 24वें साल में प्रवेश कर चुका है।
उन्होंने कहा, ‘‘स्कूल छोड़ने वालों की दर घटकर एक प्रतिशत रह गई है और दाखिला 100 प्रतिशत तक पहुंच गया है। अब हमारा ध्यान बाकी बची कमी को पूरा करने और यह पक्का करने पर होना चाहिए कि हर बच्चा स्कूल में बना रहे।’’
पटेल ने कहा कि भले ही बुनियादी ढांचा और दाखिले के आंकड़ों में काफी सुधार हुआ है लेकिन अब राज्य को ‘गुणोत्सव’ जैसी पहलों के जरिए शिक्षा की गुणवत्ता पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘अक्सर ऐसी शिकायतें सुनने को मिलती हैं कि उच्च प्राथमिक कक्षाओं के छात्र ठीक से पढ़ या लिख नहीं पाते हैं। हमें इस स्थिति से बाहर निकलना होगा। हमारा ध्यान इस बात पर होना चाहिए कि छात्र जरूरी योग्यता हासिल करें।’’
भाषा सुरभि नेत्रपाल
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