छत्रपति संभाजीनगर, 17 जून (भाषा) शिवसेना (उबाठा) के लोकसभा सदस्यों के टूटने की आशंका के बीच मध्य महाराष्ट्र से पार्टी के एक विधायक ने बुधवार को कहा कि विपक्षी पार्टी नेताओं पर नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं पर निर्भर है और इसका विस्तार होता रहेगा।
परभणी जिले से शिवसेना (उबाठा) विधायक राहुल पाटिल ने दावा किया कि उनकी पार्टी में पाला बदलने की अटकलें पिछले एक साल से चल रही हैं।
पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे की रविवार को यहां बुलाई गई बैठक में शिवसेना (उबाठा) के नौ लोकसभा सदस्यों में से सिर्फ चार ही व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए। पार्टी के अनुसार, चार अन्य सांसद ऑनलाइन जुड़े, जबकि एक और सांसद ने ठाकरे से फोन पर बात की।
बैठक में पांच सांसदों के व्यक्तिगत रूप से शामिल न होने को इस बात संकेत माना जा रहा है कि ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी के लिए मुश्किलें बढ़ रही हैं।
पाटिल ने परभणी में पत्रकारों से कहा, “शिवसेना (उबाठा) एक बड़ी पार्टी है और यह नेताओं के बजाय पार्टी कार्यकर्ताओं के दम पर टिकी है। यह पहले से भी तेजी से आगे बढ़ेगी। लोग जानते हैं कि सत्ताधारी पार्टियों के पास बहुमत होने के बावजूद लोग पार्टी क्यों छोड़ रहे हैं।”
विधायक ने कहा कि लोग दल-बदल को पसंद नहीं करते और अगर शिवसेना (उबाठा) के सांसद पाला बदलते हैं, तो लोगों का गुस्सा सामने आएगा।
पाटिल ने (जून 2022 में शिवसेना में हुई टूट की ओर इशारा करते हुए) कहा, ‘‘हमें पता है कि विधायक पहले क्यों गए थे और (पैसे के दम पर राजनीति करने को लेकर) उस समय क्या नारे लगाए गए थे। अब वे हमारे सांसदों को क्यों ले जाना चाहते हैं? क्या वे देश में लोकतंत्र खत्म करना चाहते हैं? ऐसी हरकतों की वजह से लोगों में नाराजगी है और कुछ दिनों बाद यह बात जरूर सामने आएगी।’’
विधायक ने कहा कि जो लोग पार्टी से नाखुश हैं, वे संगठन के भीतर ही अपनी शिकायतों का समाधान पा सकते हैं।
भाषा राजकुमार प्रशांत
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