भुवनेश्वर, 17 जून (भाषा) ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कक्षा एक से आठ तक के छात्रों की किताबों में हुई त्रुटियों के लिए जिम्मेदार लोगों या संस्थाओं की पहचान करने के लिए बुधवार को तीन सदस्यीय समिति के गठन का आदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समिति की अध्यक्षता विकास आयुक्त करेंगे और यह समिति सात दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
माझी ने संबंधित अधिकारियों को स्कूल के छात्रों की किताबों में छपाई संबंधी त्रुटियों को तुरंत ठीक करने का भी आदेश दिया।
मुख्यमंत्री का यह निर्देश सरकारी स्कूलों के कुछ शिक्षकों द्वारा कक्षा एक से आठ के छात्रों की नयी किताबों में कई गलतियां (जैसे वर्तनी की गलतियां और मशहूर हस्तियों के गलत नाम) बताए जाने के एक दिन बाद आया है।
प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष ब्रह्मानंद महाराणा के अनुसार, इन स्कूली किताबों में 1,600 से अधिक गलतियां पाई गई हैं।
ये किताबें राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत तैयार की गई थीं और 2026-27 अकादमिक सत्र के लिए तय की गई थीं।
महाराणा ने एक उदाहरण देते हुए कहा कि ओडिशा विधानसभा की जगह कर्नाटक विधानसभा की तस्वीर का इस्तेमाल किया गया था।
इसी तरह ओडिशा की नियामगिरी पहाड़ियां जो कालाहांडी और रायगढ़ा जिलों में स्थित हैं, उसे गलत तरीके से झारखंड में बताया गया है।
विपक्षी पार्टी बीजू जनता दल (बीजद) ने राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार पर ओडिया शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने का आरोप लगाया और सभी ‘‘त्रुटिपूर्ण किताबों’’ को तुरंत वापस लेने एवं उच्च स्तरीय जांच की मांग की।
भाषा सुरभि प्रशांत
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