नयी दिल्ली, 17 जून (भाषा) दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में यातायात जाम को कम करने के तरीके खोजने के लिए एक विस्तृत अध्ययन करने की योजना बना रहा है।
इसके अलावा वह इस क्षेत्र के ऐतिहासिक स्वरूप को बनाए रखने और समारोहों तथा वीवीआईपी कार्यक्रमों के दौरान सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने पर भी ध्यान देगा।
इस अध्ययन में वर्ष 2060 तक की परिवहन आवश्यकताओं का अनुमान लगाया जाएगा।
डीएमआरसी ने बताया कि यह अध्ययन राष्ट्रीय राजधानी के प्रशासनिक क्षेत्र की कुछ सबसे व्यस्त सड़कों पर केंद्रित होगा, जिनमें सी-हेक्सागन, मान सिंह मार्ग, रफी अहमद किदवई मार्ग और तीन मूर्ति मार्ग शामिल हैं।
निगम के मुताबिक अध्ययन में यातायात बाधाओं को कम करने के लिए सुरंगों और अंडरपास जैसी बुनियादी ढांचा योजनाओं पर विचार किया जाएगा।
डीएमआरसी ने इस विस्तृत व्यवहार्यता अध्ययन के लिए परामर्श कार्य के संबंध में निविदाएं आमंत्रित की हैं। निगम के अनुसार चुने गए परामर्शदाता को मौजूदा यातायात स्थिति का आकलन करना होगा, भविष्य की जरूरतों का अनुमान लगाना होगा और क्षेत्र में गतिशीलता में सुधार के लिए प्रस्ताव तैयार करने होंगे।
डीएमआरसी ने कहा कि इस अनुबंध में 4.14 लाख रुपये की बयाना राशि (ईएमडी) शामिल है और परामर्शदाता को छह महीने के भीतर अध्ययन पूरा करना होगा।
सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में कई प्रमुख सरकारी संस्थान और राष्ट्रीय स्मारक स्थित हैं, जिसके कारण व्यस्त समय और सरकारी कार्यक्रमों के दौरान यातायात प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बन जाता है।
भाषा जोहेब प्रशांत
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