नयी दिल्ली, 17 जून (भाषा) भारत और थाईलैंड ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा के लिए अहम वार्ता की है तथा रक्षा विनिर्माण, अनुसंधान, नवोन्मेष एवं क्षमता विकास में सहयोग को और मज़बूत करने के तौर-तरीकों पर विचार किया।
रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि 10वीं थाईलैंड-भारत रक्षा वार्ता 16 जून को बैंकॉक में हुई।
दोनों पक्षों ने भारत -प्रशांत क्षेत्र में ‘उभरते सुरक्षा माहौल’ पर चर्चा की तथा क्षेत्रीय घटनाक्रम पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि उन्होंने क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए सहयोग को मजबूत करने की जरूरत को दोहराया।
यह बातचीत ‘द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा करने’ तथा परस्पर हित के क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा मुद्दों पर विचारों के आदान-प्रदान के लिए हुई।
थाईलैंड के रक्षा उप-स्थायी सचिव एडमिरल नट्टापोल डियूवानिच और भारत के रक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव सत्यजीत मोहंती ने इसकी सह-अध्यक्षता की।
बयान में कहा गया है, ‘‘प्रतिनिधिमंडलों ने पिछली बातचीत के बाद से द्विपक्षीय रक्षा सहयोग में हुई प्रगति की समीक्षा की। चर्चा में सेनाओं के बीच परस्पर सहयोग, क्षमता-निर्माण की पहल, प्रशिक्षण के आदान-प्रदान, समुद्री सहयोग और आपसी हित से जुड़े अन्य क्षेत्रों पर बात हुई।’’
भारत और थाईलैंड ने 2025 में अपने द्विपक्षीय संबंधों को औपचारिक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया।
भाषा
राजकुमार अविनाश
अविनाश