नयी दिल्ली, 17 जून (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को दावा किया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर न तो जनता को और न ही उनके सहयोगियों को भरोसा है।
द्रमुक के मुखपत्र 'मुरासोली' द्वारा कांग्रेस नेता पर विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस) की एकता को कमजोर करने का आरोप लगाए जाने के बाद सत्तारूढ़ दल ने यह दावा किया है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि द्रविड मुनेत्र कषगम (द्रमुक) की आलोचना से गांधी के नेतृत्व को लेकर विपक्षी दलों में बढ़ती नाराजगी का पता चलता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस नेता अब एक ‘‘राजनीतिक बोझ’’ बन गए हैं।
द्रमुक के मुखपत्र में सोमवार को प्रकाशित एक संपादकीय में गांधी पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने गठबंधन सहयोगियों को कमजोर किया और विपक्षी एकता को नुकसान पहुंचाया है।
पूनावाला ने एक वीडियो बयान में कहा, ‘‘द्रमुक ने राहुल गांधी पर जोरदार हमला करते हुए उन्हें राजनीतिक रूप से अपरिपक्व बताया है। राहुल गांधी पर किसी को भरोसा नहीं है। कांग्रेस अपने सहयोगियों का इस्तेमाल करती है और फिर उन्हें छोड़ देती है।’’
विपक्षी गठबंधन के भीतर हालिया तनाव का जिक्र करते हुए, उन्होंने आरोप लगाया कि ‘इंडिया’ के कई सहयोगियों ने गांधी के नेतृत्व को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने दावा किया, ‘‘पुराने दोस्त अब नए और वास्तविक दुश्मन बन गए हैं। चाहे द्रमुक हो, या तृणमूल कांग्रेस, वाम दल, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (उबाठा) या राजद—सभी ने असंतोष जताया है।’’
पूनावाला ने यह भी आरोप लगाया कि ‘इंडिया’ की हालिया बैठक में, गठबंधन सहयोगियों ने गांधी के नेतृत्व पर सवाल उठाए और उनके नेतृत्व में काम करने को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर कीं।
उन्होंने दावा किया, ‘‘कांग्रेस के बाद सबसे बड़े विपक्षी दल, समाजवादी पार्टी ने इस बारे में शिकायत की है। दूसरी सबसे बड़ी पार्टी तृणमूल कांग्रेस पहले से ही बिखरी हुई हालत में है।’’
पूनावाला ने दावा किया, ‘‘तीसरी सबसे बड़ी पार्टी द्रमुक विपक्षी गठबंधन की बैठक में शामिल नहीं हुई। सबसे नयी पार्टी आम आदमी पार्टी को राहुल गांधी से शिकायतें हैं। सबसे पुरानी पार्टियों, यानी वामपंथी दलों ने भी ऐसी ही राय जाहिर की है।
भाषा आशीष मनीषा
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