(फाइल फोटो के साथ)
बेंगलुरु, 17 जून (भाषा) कर्नाटक विधानपरिषद के लिए 18 जून को होने वाले चुनाव से पहले सत्तारूढ़ कांग्रेस के विधायकों के बेंगलुरु के बाहरी इलाके में एक रिसॉर्ट में डेरा डालने पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र ने बुधवार को तंज कसते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार का अपनी पार्टी के विधायकों पर से भरोसा उठ गया है।
उन्होंने भरोसा जताया कि जिन सात सीटों पर चुनाव होने हैं, उनमें से दो भाजपा आसानी से जीत जाएगी।
विजयेंद्र ने कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि मुख्यमंत्री का कांग्रेस विधायकों से भरोसा क्यों उठ गया है? जहां तक भाजपा की बात है, हम पूरी तरह निश्चिंत हैं और हमें भरोसा है कि भाजपा के दोनों विधानपरिषद उम्मीदवार चुनाव जीतेंगे। हमें किसी रिसॉर्ट में जाने की कोई ज़रूरत नहीं है।’’
उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा कि यह हैरानी की बात है कि सत्ता संभालने के 15 दिनों के भीतर ही मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार का अपने ही विधायकों से भरोसा उठ गया है।
चुनाव में सात सीटों पर आठ उम्मीदवार हैं। विधानसभा सदस्य विधान सौध में चुनाव में वोट डालेंगे और कांग्रेस का लक्ष्य सात में से पांच सीटें जीतना है।
कांग्रेस ने मंगलवार रात बेंगलुरु दक्षिण ज़िले के बिदादी में एक रिसॉर्ट में अपने विधायक दल की बैठक की। बुधवार को विधायकों को एक मॉडल बैलेट पेपर के ज़रिए मतदान की प्रक्रिया समझाई गई। रिसॉर्ट में हुई बैठक में प्राथमिकता वाले वोटों के आवंटन पर चर्चा की गई ताकि कोई भी वोट अमान्य न हो। छद्म मतदान भी कराया गया।
प्रदेश भाजपा प्रमुख ने सरकार पर यह कहते हुए भी निशाना साधा कि उसने दो प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं -- गृह लक्ष्मी और गृह ज्योति -- के लाभार्थियों से दोबारा आवेदन जमा करने को कहा है।
उन्होंने कहा कि गारंटी लागू करने वाली समिति के अध्यक्ष ने आयकर देने वाली 1.60 लाख से ज़्यादा महिलाओं को फ़ायदा मिलने पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा, ‘‘ सरकार अब बहाने बना रही है, लेकिन असल बात यह है कि राज्य सरकार भारी आर्थिक संकट में है, जिसकी वजह से वे ऐसे तकनीकी मुद्दे उठा रहे हैं।’’
भाषा
राजकुमार मनीषा
मनीषा