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न्यायमूर्ति नरसिम्हा की पीठ नीट-यूजी से जुड़ी याचिका पर जुलाई में सुनवाई करेगी: उच्चतम न्यायालय

नयी दिल्ली, 17 जून (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कहा कि न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा की अध्यक्षता वाली पीठ नीट-यूजी 2026 परीक्षा दोबारा कराने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर जुलाई में सुनवाई करेगी।

कथित प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बीच, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने तीन मई को आयोजित नीट-यूजी को 12 मई को रद्द कर दिया था। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) अभी इस मामले की जांच कर रहा है और 21 जून को दोबारा परीक्षा होनी है।

नीट-यूजी 2026 की परीक्षा दोबारा कराने के फ़ैसले को रद्द करने संबंधी याचिका पर प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति वी मोहना की पीठ के समक्ष बुधवार को सुनवाई हुई।

प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि इस याचिका पर जुलाई में न्यायमूर्ति नरसिम्हा की अध्यक्षता वाली पीठ सुनवाई करेगी, जब आंशिक कामकाज के दिनों के बाद उच्चतम न्यायालय का कामकाज सामान्य रूप से शुरू होगा।

न्यायमूर्ति नरसिम्हा की अध्यक्षता वाली पीठ पहले से ही नीट-यूजी से जुड़ी अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है।

नयी याचिका में केंद्र सरकार और अन्य संबंधित पक्षों को निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि भविष्य की राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में सुरक्षित एवं तकनीक-आधारित डिजिटल परीक्षा एवं मूल्यांकन प्रणाली लागू की जाए। इसमें एन्क्रिप्टेड डिजिटल प्रश्न वितरण प्रणाली, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, एआई की मदद से निगरानी और सुरक्षित कंप्यूटर-आधारित परीक्षा ढांचा शामिल करने का अनुरोध किया गया है।

इसमें केंद्र से एनटीए के कामकाज में ढांचागत, संस्थागत और संचालन संबंधी कमियों की जांच के लिए एक स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति गठित करने का निर्देश देने की भी मांग की गई है। याचिका में नीट-यूजी 2026 को दोबारा आयोजित करने के फैसले को रद्द करने का भी अनुरोध किया गया है।

अंतरिम राहत के रूप में, यह अनुरोध किया गया कि जब तक याचिका का अंतिम निपटारा नहीं हो जाता, तब तक नीट-यूजी की दोबारा परीक्षा से जुड़े फ़ैसले पर रोक लगाई जाए।

नीट-यूजी से जुड़ी अलग-अलग याचिकाओं पर 29 मई को सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने कहा था कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा से जुड़ी वास्तविक समस्या तब तक खत्म नहीं होगी जब तक ‘‘वास्तविक जवाबदेही’’ तय नहीं होती।

भाषा आशीष सुरेश

सुरेश