नयी दिल्ली, 17 जून (भाषा) दिल्ली पुलिस ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से ठगी करने वाले गिरोह से कथित रूप से जुड़े दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
पूर्वी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) राजीव कुमार ने कहा कि गिरोह के सदस्यों ने भर्ती परामर्शदाता और नामी विदेशी कंपनियों के प्रतिनिधियों के तौर पर खुद को पेश किया और दूतावास की मंजूरी, वीजा प्रक्रिया, मंत्रालय द्वारा सत्यापन और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर लोगों से पैसे ऐंठे।
पीड़ितों को बताया गया कि विदेश में नौकरी के लिए उनके ‘बायोडेटा’ का चयन किया गया है और फिर उनसे फर्ज़ी साक्षात्कार लिए गए। उनसे दस्तावेज़ जमा करने को कहा गया और फिर भर्ती से जुड़ी अलग-अलग औपचारिकताओं के लिए पैसे देने के लिए मनाया गया।
डीसीपी के मुताबिक, आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश में बरेली के रहने वाले कुश भटनागर (22) और अमित (23) के तौर पर हुई है और उन्हें एक महिला की शिकायत पर जांच के बाद गिरफ्तार किया गया। महिला के साथ जापान में नौकरी दिलाने के बहाने 1.63 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई थी।
इस मामले में पूर्वी ज़िले के साइबर थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
जांच के दौरान, पुलिस ने यह जांच की कि ठगा गया पैसा कहां कहां भेजा गया है। पुलिस को पता चला कि धोखाधड़ी से हासिल रकम में से 1.27 लाख रुपये कुश भटनागर के बैंक खाते में जमा किए गए थे।
कुमार ने एक बयान में बताया कि आगे की जांच से पता चला कि शेष पैसा कई खातों में भेजा गया था, जिसमें सह-आरोपी अमित का खाता भी शामिल था। आरोप है कि अमित को 14,850 रुपये मिले थे और उसने इस पैसे को निकालने और स्थानांतरित करने में मदद की।
जांच में पता चला कि यह गिरोह ऑनलाइन नौकरी पोर्टल और अन्य स्रोतों से नौकरी चाहने वालों की जानकारी इकट्ठा करता था और फिर नामी विदेशी कंपनियों के नाम से उन्हें ईमेल भेजता था।
पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, भर्ती से संबंधित ईमेल अकाउंट, कथित धोखाधड़ी से जुड़ी बातचीत और अन्य डिजिटल सबूत बरामद किए।
अधिकारी ने कहा कि गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने, तथा अन्य पीड़ितों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं।
भाषा नोमान नोमान माधव
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